सितंबर 2025 में भारत की GST परिषद ने वस्तु एवं सेवा कर संरचना को ऐतिहासिक रूप से सरल बनाने की मंजूरी दी। जटिल चार-दर प्रणाली की जगह 5% और 18% की दो-दर प्रणाली लागू की गई। आवश्यक वस्तुओं के लिए 12% स्लैब को 5% में मिला दिया गया और अधिकांश वस्तुओं के लिए 28% स्लैब को घटाकर 18% कर दिया गया। RBI द्वारा नीति दर को 6.5% से 5.5% तक घटाने के साथ यह GST 2.0 सुधार उपभोग को बढ़ावा देने, मुद्रास्फीति कम करने और GDP वृद्धि को सहारा देने वाला माना जा रहा है; वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में GDP वृद्धि साल-दर-साल 7.8% थी।
GST 2.0: भारत ने बड़े कर सुधार की शुरुआत की — दो-दर वाली संरचना लागू
सितंबर 2025 में भारत की GST परिषद ने वस्तु एवं सेवा कर संरचना के ऐतिहासिक सरलीकरण को मंजूरी दी। जटिल चार-दर प्रणाली की जगह 5% और 18% की दो-दर प्रणाली लागू की गई। आवश्यक वस्तुओं के लिए 12% स्लैब को 5% में मिला दिया गया और अधिकांश वस्तुओं के लिए 28% स्लैब को घटाकर 18% कर दिया गया। RBI द्वारा नीति दर को 6.5% से 5.5% तक घटाने के साथ यह GST 2.0 सुधार उपभोग को बढ़ावा देने, मुद्रास्फीति को कम करने और GDP वृद्धि को गति देने वाला माना जा रहा है; वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में GDP वृद्धि साल-दर-साल 7.8% थी।
मुख्य तथ्य
- GST परिषद ने ऐतिहासिक सरलीकरण को मंजूरी दी, जिसके तहत चार-दर प्रणाली की जगह 5% और 18% की दो दरें लागू होंगी।
- आवश्यक वस्तुओं के लिए 12% स्लैब को 5% स्लैब में शामिल किया गया।
- अधिकांश गैर-आवश्यक वस्तुओं के लिए 28% स्लैब को घटाकर 18% किया गया।
- इस सुधार के साथ RBI ने तटस्थ रुख रखते हुए रेपो दर 5.50% पर बनाए रखी।
- इस सुधार से अनुपालन आसान होगा और वर्गीकरण से जुड़े विवाद कम होंगे।
- GST 2.0 से उपभोक्ता कीमतें घटने और उपभोग बढ़ने की उम्मीद है।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
लेख के अनुसार, जीएसटी 2.0 सुधार के साथ भारत की वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी की वार्षिक वृद्धि दर क्या रही?
लेख के अनुसार जीएसटी 2.0 सुधार और आरबीआई द्वारा दर 6.5% से 5.5% तक घटाए जाने के साथ भारत की वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि 7.8% वार्षिक रही।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
GST 2.0 क्या है और इसने भारत की कर प्रणाली में क्या बड़ा बदलाव किया?
GST 2.0 GST परिषद द्वारा सितंबर 2025 में मंजूर किया गया ऐतिहासिक सरलीकरण है। इसमें मौजूदा चार दरों वाली GST संरचना (5%, 12%, 18%, 28%) को बदलकर 5% और 18% की दो दरों वाली प्रणाली लागू की गई।
GST 2.0 के तहत 12% और 28% GST स्लैब को कैसे सरल बनाया गया?
GST 2.0 के तहत आवश्यक वस्तुओं के लिए 12% स्लैब को 5% श्रेणी में मिला दिया गया, जबकि अधिकांश गैर-आवश्यक वस्तुओं के लिए 28% स्लैब को घटाकर 18% कर दिया गया, जिससे कर वर्गीकरण प्रणाली सरल हुई।
GST 2.0 सुधार के दौरान RBI की रेपो दर क्या थी और नीतिगत रुख क्या था?
GST 2.0 सुधार के समय RBI ने तटस्थ नीतिगत रुख रखते हुए रेपो दर 5.50% पर बनाए रखी। RBI ने राजकोषीय प्रोत्साहन को सहारा देने के लिए 2025 के दौरान दरों को 6.5% से घटाकर 5.5% किया था।
GST 2.0 से भारत को क्या आर्थिक लाभ होने की उम्मीद है?
GST 2.0 से उपभोक्ता कीमतें घटने, उपभोग बढ़ने, अनुपालन में आसानी, वर्गीकरण विवादों में कमी और भारत की GDP वृद्धि को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जो वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में साल-दर-साल 7.8% थी।
GST 2.0 सरलीकरण को किस निकाय ने मंजूरी दी और इस सुधार का मुख्य उद्देश्य क्या था?
GST परिषद ने सितंबर 2025 में GST 2.0 सरलीकरण को मंजूरी दी। सुधार का मुख्य उद्देश्य कर संरचना की जटिलता कम करना, व्यवसायों पर अनुपालन का बोझ घटाना और GST प्रशासन को अधिक कुशल बनाना था।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें