प्रकाशित: 9 सितंबर 2025टॉपिक
सैन्य अभ्यास ज़ापद 2025: भारतीय सशस्त्र बलों की टुकड़ी रूस रवाना
भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी — थल सेना, नौसेना और वायुसेना कर्मी — 9 सितंबर 2025 को बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास ज़ापद 2025 में भाग लेने रूस रवाना हुई। अभ्यास निज़नी नोवगोरोड के मुलिनो प्रशिक्षण मैदान में आयोजित है। यह अभ्यास तीव्र युद्ध-स्थितियों, आतंकवाद-विरोधी अभियानों और आपसी तालमेल से संचालन की क्षमता पर केंद्रित है।
ज़ापद रूस के रणनीतिक स्तर के अभ्यासों में से एक है और भारत की भागीदारी दोनों देशों के बीच निरंतर रक्षा सहयोग को रेखांकित करती है। अभ्यास में संयुक्त अभियान, रणक्षेत्र समन्वय और संयुक्त शस्त्र प्रशिक्षण शामिल है। भारत रूस पर पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद रक्षा साझेदारी में अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए भाग ले रहा है।
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
अभ्यास त्रिशूल 2025 में कितने सैनिकों ने भाग लिया?
व्याख्या · सही उत्तर Bअभ्यास त्रिशूल में तीनों सेनाओं और अर्धसैनिक बलों के 30,000+ सैनिकों ने भाग लिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अभ्यास ज़ापाद 2025 क्या है और यह कहाँ आयोजित हुआ?
**भारतीय सशस्त्र बलों की 65-सदस्यीय टुकड़ी 9 सितंबर 2025 को रूस रवाना हुई।** यह अभ्यास रूस के **निज़नी नोवगोरोड के मुलिनो प्रशिक्षण मैदान** में आयोजित हुआ।
भारतीय सशस्त्र बल का दल ज़ापाद 2025 के लिए कब रवाना हुआ?
यह अभ्यास निझनी नोवगोरोद के मुलिनो प्रशिक्षण मैदान में हुआ, जिसमें उच्च-तीव्रता वाले युद्ध पर ध्यान दिया गया। भारत का तीनों सेनाओं का दल (सेना, नौसेना, वायुसेना) **10 सितंबर 2025** को रवाना हुआ।
पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत रूस के ज़ापाद अभ्यास में क्यों भाग लेता है?
भारत अपनी **रणनीतिक स्वायत्तता** बनाए रखने के लिए इसमें भाग लेता है। **ज़ापाद रूस के रणनीतिक स्तर के सैन्य अभ्यासों में से एक है**।
ज़ापाद 2025 में कौन सी गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं?
पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत की भागीदारी रूस के साथ जारी रक्षा सहयोग को रेखांकित करती है। इसमें संयुक्त अभियान, युद्धक्षेत्र समन्वय और संयुक्त शस्त्र प्रशिक्षण शामिल हैं।
भारत के ज़ापाद 2025 में शामिल होने का रणनीतिक महत्व क्या है?
**ज़ापाद रूस के रणनीतिक स्तर के अभ्यासों में से एक है**। **इस अभ्यास में संयुक्त अभियान, युद्धक्षेत्र समन्वय और संयुक्त शस्त्र गतिविधियाँ शामिल हैं**।