थल सेना, नौसेना और वायुसेना के कर्मियों वाली भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी 9 सितंबर 2025 को रूस के लिए रवाना हुई। यह टुकड़ी निज़नी नोवगोरोड के मुलिनो प्रशिक्षण मैदान में आयोजित बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास ज़ापद 2025 में भाग ले रही है। अभ्यास का केंद्र तीव्र युद्ध-स्थितियाँ, आतंकवाद-विरोधी अभियान और भाग लेने वाले देशों की सेनाओं के बीच तालमेल है।

ज़ापद रूस के रणनीतिक स्तर के अभ्यासों में से एक है। भारत की भागीदारी दोनों देशों के बीच जारी रक्षा सहयोग को रेखांकित करती है। अभ्यास में संयुक्त अभियान, रणक्षेत्र समन्वय और संयुक्त शस्त्र प्रशिक्षण शामिल हैं। रूस पर पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भाग लेकर भारत अपनी रक्षा साझेदारियों में रणनीतिक स्वायत्तता बनाए हुए है।