खाद्य और कृषि संगठन के वैश्विक वन संसाधन आकलन 2025 में भारत कुल वन क्षेत्र के आधार पर दुनिया में 9वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले आकलन में भारत 10वें स्थान पर था, इसलिए यह बदलाव वन और पर्यावरण से जुड़े सूचकांकों में भारत की स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। इसी आकलन में भारत वार्षिक शुद्ध वन क्षेत्र वृद्धि में दुनिया में तीसरे स्थान पर बना हुआ है। भारत का कुल वन क्षेत्र लगभग 7.27 करोड़ हेक्टेयर, यानी 72,739 हजार हेक्टेयर, बताया गया है, जो विश्व के कुल वन क्षेत्र का लगभग 2% है।
वैश्विक संदर्भ भी परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी है। दुनिया का कुल वन क्षेत्र लगभग 4.14 अरब हेक्टेयर है और यह पृथ्वी के भूमि क्षेत्र का करीब 32% है। 1990-2000 में वार्षिक शुद्ध वन हानि 1.07 करोड़ हेक्टेयर थी, जो 2015-2025 में घटकर 41.2 लाख हेक्टेयर रह गई। इससे वन संरक्षण, वनीकरण और सतत वन प्रबंधन जैसे मुद्दे सीधे पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़ते हैं।
भारत को वैश्विक कार्बन सिंक में भी 5वां स्थान मिला है; 2021-2025 के दौरान भारत के वन हर साल 15 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड हटाते रहे। परीक्षा की दृष्टि से इस खबर से प्रीलिम्स में रिपोर्ट, रैंकिंग, संगठन और आंकड़ों पर प्रश्न बन सकते हैं, जबकि मुख्य परीक्षा में वन प्रबंधन, जैव विविधता, कार्बन सिंक, जलवायु नीति और विकास-पर्यावरण संतुलन पर विश्लेषण पूछा जा सकता है। स्टैटिक जीके में इसे वन संसाधन, वन प्रकार, वनीकरण, कार्बन चक्र और भारत के पर्यावरणीय शासन से जोड़कर पढ़ना चाहिए।
