केंद्रीय कैबिनेट ने रबी सत्र 2025-26 (1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026) के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) दरें मंजूर कीं। NBS के लिए कुल बजट ₹37,952.29 करोड़ स्वीकृत हुआ। NBS योजना के तहत सब्सिडी प्रति किलोग्राम पोषक तत्व (N, P, K, S) के आधार पर तय होती है, प्रति बोरी नहीं। इससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनती है और संतुलित पोषक तत्व उपयोग को बढ़ावा मिलता है। डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP), जो भारत में सर्वाधिक उपयोग होने वाला फॉस्फेटिक उर्वरक है, की सब्सिडी ₹29,805 प्रति मीट्रिक टन निर्धारित की गई है। सरकारी समीक्षा में एक प्रमुख उपलब्धि यह है कि 2014 से अब तक घरेलू P&K उर्वरक उत्पादन में 50% की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि घरेलू उत्पादन क्षमता में निवेश, आयात निर्भरता में कमी और MSME उर्वरक क्षेत्र की वृद्धि को दर्शाती है। NBS योजना 2010 में उर्वरक सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने और संतुलित पोषण उपयोग को बढ़ावा देने के लिए शुरू हुई थी। इसमें DAP, MOP, SSP और मिश्रित उर्वरक शामिल हैं। रबी सत्र में गेहूं, सरसों, दलहन और सब्जियों की बुआई के लिए आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता सुनिश्चित की जाती है।