प्रकाशित: 20 अक्टूबर 2025टॉपिक
ऑपरेशन फायर ट्रेल: DRI ने ₹4.82 करोड़ के तस्करी वाले 46,640 चीनी पटाखे जब्त किए
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने अपने चल रहे 'ऑपरेशन फायर ट्रेल' के तहत न्हावा शेवा (JNPT) बंदरगाह पर ₹4.82 करोड़ कीमत के 46,640 तस्करी वाले चीनी पटाखे जब्त किए। यह दीपावली से पहले सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी पटाखों के अवैध आयात का पता लगाने के लिए शुरू की गई राष्ट्रव्यापी तस्करी विरोधी पहल है।
चीनी पटाखे PESO सुरक्षा मानदंडों पर खरे नहीं उतरते और उनमें बेरियम नाइट्रेट और सल्फर जैसे विषाक्त रसायनों का स्तर अधिक होता है, इसलिए भारत में इन पर प्रतिबंध है। अभियान प्रमुख बंदरगाहों, हवाई अड्डों और सीमा चौकियों पर चल रहा है। राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों और जयपुर के थोक पटाखा बाजारों पर त्योहारी मौसम में निगरानी बढ़ाई गई है।
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राजस्व खुफिया निदेशालय ने पटाखों के अवैध आयात पर रोक लगाने के लिए 'ऑपरेशन फायर ट्रेल' शुरू किया। तस्करी कर लाए गए 46,640 चीनी पटाखे कहाँ जब्त हुए?
व्याख्या · सही उत्तर BDRI ने 'ऑपरेशन फायर ट्रेल' के तहत न्हावा शेवा (JNPT) बंदरगाह पर 46,640 तस्करी के चीनी पटाखे जब्त किए, जिनकी कीमत 4.82 करोड़ रुपये थी। PESO सुरक्षा मानदंडों का पालन न होने और विषाक्त रसायनों के अत्यधिक स्तर के कारण भारत में चीनी पटाखों पर प्रतिबंध है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ऑपरेशन फायर ट्रेल क्या था और DRI ने क्या जब्त किया?
**ऑपरेशन फायर ट्रेल** **राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI)** द्वारा चलाया गया तस्करी-रोधी अभियान था, जिसमें **नवा शेवा बंदरगाह** पर **₹4.82 करोड़ कीमत के तस्करी से लाए गए 46,640 चीनी पटाखे** जब्त किए गए।
ऑपरेशन फायर ट्रेल में कितने पटाखे जब्त किए गए?
DRI ने **ऑपरेशन फायर ट्रेल** के तहत **नवा शेवा (जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह)** पर **₹4.82 करोड़ कीमत के तस्करी से लाए गए 46,640 चीनी पटाखे** जब्त किए।
तस्करी किए गए चीनी पटाखे कहाँ जब्त किए गए?
**46,640 तस्करी किए गए चीनी पटाखे** महाराष्ट्र के नवी मुंबई में **नवा शेवा (JNPT)** पर जब्त किए गए। उन्हें दिवाली से पहले भारत में तस्करी कर लाया जा रहा था।
चीनी पटाखों की भारत में तस्करी क्यों की जाती है?
चीनी पटाखों की तस्करी इसलिए होती है क्योंकि भारत में विस्फोटक अधिनियम के तहत **पटाखों के आयात पर प्रतिबंध** है। चीनी उत्पाद सस्ते होते हैं और दिवाली से पहले बढ़ी हुई मांग तस्करों के लिए कमाई का मौका बन जाती है।
राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) क्या है?
**राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI)** वित्त मंत्रालय के तहत भारत की **मुख्य तस्करी-रोधी खुफिया और जांच एजेंसी** है। यह तस्करी, नारकोटिक्स और सीमा शुल्क चोरी के मामलों का पता लगाने और उनकी जांच करने का काम करती है।