प्रकाशित: 7 अक्टूबर 2025शासन
मंत्रिमंडल ने वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगाँठ समारोह की घोषणा की
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा संस्कृत में रचित और 1882 के उपन्यास 'आनंदमठ' में शामिल राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगाँठ पर देश भर में समारोह आयोजित करने की घोषणा की। इस गीत ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसे पहली बार 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में गाया गया।
वंदे मातरम् को 1950 में संविधान सभा ने भारत के राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया। 150वीं वर्षगाँठ के इन समारोहों में देश भर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, शैक्षणिक संगोष्ठियाँ और स्मारक प्रकाशन शामिल होंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य राष्ट्रीय पहचान और स्वतंत्रता आंदोलन में गीत के योगदान को सम्मान देना होगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मंत्रिमंडल ने वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगाँठ के लिए क्या घोषणा की?
**केंद्रीय मंत्रिमंडल** ने राष्ट्रगीत **'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगाँठ** पर देशव्यापी समारोहों की घोषणा की, जिनमें देश भर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, शैक्षणिक संगोष्ठियाँ और स्मारक प्रकाशन शामिल होंगे।
वंदे मातरम् की रचना किसने की और इसे पहली बार कब गाया गया?
**वंदे मातरम्** की रचना **बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय** ने **संस्कृत** में की थी और इसे उनके **1882 के उपन्यास 'आनंदमठ'** में शामिल किया गया था। इसे पहली बार **1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन** में गाया गया।
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम् की क्या भूमिका थी?
**वंदे मातरम्** ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में **महत्वपूर्ण भूमिका** निभाई और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लाखों लोगों को प्रेरित किया। इस गीत ने राष्ट्रवादी भावना को बल दिया और यह देश भर के स्वतंत्रता सेनानियों का प्रेरक गान बन गया।
वंदे मातरम् का कौन-सा भाग भारत का राष्ट्रगीत बना?
स्वतंत्रता आंदोलन में गीत की भूमिका को देखते हुए, स्वतंत्रता के समय **वंदे मातरम् के पहले दो पदों** को **भारत के राष्ट्रगीत** के रूप में अपनाया गया। पूरा गीत संस्कृत में रचा गया था और 'आनंदमठ' में शामिल है।
वंदे मातरम् पहली बार सार्वजनिक रूप से कब गाया गया?
**वंदे मातरम्** पहली बार **1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन** में सार्वजनिक रूप से गाया गया और स्वतंत्रता आंदोलन का प्रेरक स्वर बन गया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गीत की 150वीं वर्षगाँठ के समारोहों की घोषणा की।