केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा संस्कृत में रचित और 1882 के उपन्यास 'आनंदमठ' में शामिल राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगाँठ के राष्ट्रव्यापी समारोह की घोषणा की। इस गीत ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पहली बार 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में गाया गया।

वंदे मातरम् को 1950 में संविधान सभा ने भारत के राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया। 150वीं वर्षगाँठ समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम, शैक्षणिक सेमिनार और स्मारक प्रकाशन शामिल होंगे।