भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने 5 दिसंबर 2025 को सर्वसम्मति से नीतिगत रेपो दर 25 आधार अंक घटाकर 5.25% करने का निर्णय लिया और अपना 'तटस्थ' रुख बनाए रखा। यह 2025 की चौथी दर कटौती थी। इसके साथ उस वर्ष की कुल कटौती 125 आधार अंक हो गई। स्थायी जमा सुविधा की दर अब 5.00% है, जबकि सीमांत स्थायी सुविधा की दर और बैंक दर 5.50% पर हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि 7.30% रहने का अनुमान है। तीसरी तिमाही के लिए 7.00% और चौथी तिमाही के लिए 6.50% वृद्धि का अनुमान है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर 2025 में 0.25% के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गई। लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढांचे के तहत यह पहली बार 2% की निचली सहनशीलता सीमा से नीचे गई। RBI ने खुले बाज़ार में 1 लाख करोड़ रुपये की खरीद और 500 करोड़ अमेरिकी डॉलर के खरीद-बिक्री स्वैप की भी घोषणा की। इन उपायों से लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की तरलता लंबे समय तक उपलब्ध रहेगी।