ISRO फरवरी 2026 में दो प्रमुख मिशनों की तैयारी कर रहा था। फरवरी के लिए तय PSLV-N1 मिशन से EOS-10 समुद्र-विज्ञान उपग्रह और भारत-मॉरीशस संयुक्त उपग्रह (IMJS) भेजे जाने थे। इसके अलावा, 2.2 टन वजनी भूस्थिर पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह GISAT-1A (EOS-05) को ले जाने वाला GSLV-F17 मिशन फरवरी के अंतिम दिनों में होना था। इसके लिए जारी उड्डयन सूचना (NOTAM) में 20 फरवरी से 5 मार्च की अवधि दी गई थी।

GISAT-1A वर्ष 2021 में खोए GISAT-1 (EOS-03) की जगह लेगा और भूस्थिर कक्षा से भारतीय उपमहाद्वीप पर लगभग तत्काल नज़र रखेगा। इससे आपदा प्रबंधन, फ़सलों की निगरानी और सीमा पर नज़र रखने में मदद मिलेगी। राजस्थान में यह उपग्रह रेगिस्तानी टिड्डियों की आवाजाही, सूखे की स्थिति और फ़सलों की सेहत पर लगभग तत्काल नज़र रखने में मदद करेगा।