प्रकाशित: 14 सितंबर 2025DD Newsविज्ञान-प्रौद्योगिकी
भारत ने पहली राष्ट्रीय भू-तापीय ऊर्जा नीति, 2025 अधिसूचित की
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 15 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय भू-तापीय ऊर्जा नीति अधिसूचित की, जो भू-तापीय ऊर्जा के दोहन के लिए भारत का पहला व्यापक नीतिगत ढाँचा है। भारत में लगभग 10,600 मेगावाट की अनुमानित सैद्धांतिक भू-तापीय संसाधन क्षमता है और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा अन्य क्षेत्रों में 381 गर्म जल स्रोतों की पहचान की है।
नीति में कहा गया है कि सरकार सक्षम प्राधिकारियों की मंजूरी के अधीन जीएसटी और आयात शुल्क छूट, कर अवकाश, त्वरित मूल्यह्रास, व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण और रियायती ऋण जैसे सहायता उपायों पर विचार कर सकती है। नीति बताती है कि नवीकरणीय ऊर्जा में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है और भू-तापीय तथा सौर ऊर्जा की संकर प्रणालियों को प्रोत्साहित किया जाता है। विकासकर्ताओं को अन्वेषण परमिट और 30 वर्ष तक के दीर्घकालिक विकास आवंटन मिल सकते हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत की प्रथम राष्ट्रीय भू-तापीय ऊर्जा नीति 2025 की मुख्य विशेषताओं और अक्षय ऊर्जा मिश्रण के विविधीकरण की इसकी क्षमता पर चर्चा करें।
उत्तर (50 शब्द): एमएनआरई ने 15 सितंबर 2025 को नीति अधिसूचित की। यह नीति 10,600 मेगावाट की सैद्धांतिक संभावना और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड आदि में चिन्हित 381 गर्म जल स्रोतों पर केंद्रित है। प्रोत्साहनों में जीएसटी और आयात-शुल्क छूट, कर अवकाश, त्वरित मूल्यह्रास, व्यवहार्यता अंतर निधि, 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, भू-तापीय-सौर हाइब्रिड और 30-वर्षीय अन्वेषण पट्टे शामिल हैं।
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयप्रकारनीतिविषयविज्ञान-प्रौद्योगिकीपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतDD News
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत की पहली राष्ट्रीय भू-तापीय ऊर्जा नीति 2025 क्या है?
यह 15 सितंबर 2025 को अधिसूचित नीति है, जिसका उद्देश्य भारत में भू-तापीय संसाधनों की खोज और विकास को आसान बनाना है।
भू-तापीय ऊर्जा क्या है और बिजली के लिए इसका उपयोग कैसे किया जाता है?
भू-तापीय ऊर्जा पृथ्वी की पर्पटी में संग्रहित ऊष्मा पर आधारित होती है। उच्च ताप संसाधनों से बिजली बनाई जा सकती है, जबकि निम्न और मध्यम ताप संसाधनों का उपयोग गरम करने, ठंडा करने और अन्य प्रत्यक्ष उपयोगों में किया जा सकता है।
भारत के स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव के लिए भू-तापीय ऊर्जा क्यों महत्वपूर्ण है?
भू-तापीय ऊर्जा 24 घंटे स्थिर बिजली दे सकती है, ग्रिड स्थिरता बढ़ा सकती है और दूरस्थ क्षेत्रों में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में मदद कर सकती है।
भारत में भू-तापीय ऊर्जा की संभावना वाले मुख्य क्षेत्र कहाँ हैं?
लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, गुजरात, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र और तेलंगाना सहित कई क्षेत्रों की पहचान की गई है।
भारत की अनुमानित भू-तापीय ऊर्जा क्षमता क्या है?
सरकारी उत्तरों के अनुसार भारत की सैद्धांतिक भू-तापीय संसाधन क्षमता लगभग 10,600 मेगावाट है और 381 गर्म जल स्रोत चिह्नित हैं।