भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 10 मार्च 2026 को खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंसिंग और पंजीकरण) संशोधन विनियम, 2026 अधिसूचित किए। इनमें प्रमुख बदलाव लाइसेंस की स्थायी वैधता है। FSSAI के लाइसेंस और पंजीकरण अब निलंबित या रद्द किए जाने अथवा लाइसेंस वापस किए जाने तक अनिश्चित काल के लिए वैध रहेंगे। इससे समय-समय पर नवीनीकरण की ज़रूरत समाप्त हो गई है। जोखिम के आधार पर निरीक्षण और तीसरे पक्ष से ऑडिट की व्यवस्था भी की गई है। पथ विक्रेता अधिनियम, 2014 के तहत पंजीकृत रेहड़ी-पटरी वाले खाद्य विक्रेताओं को अब FSSAI में पंजीकृत माना जाएगा। संशोधित टर्नओवर सीमाएँ 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी और ₹1.5 करोड़ तक के सालाना टर्नओवर वाले खाद्य व्यवसायों के लिए केवल FSSAI पंजीकरण पर्याप्त होगा। जनवरी 2026 की एक अलग मसौदा अधिसूचना में खाद्य विनिर्माण व्यवसायों के लिए उत्पादन और कच्चे माल के इस्तेमाल का रोज़ाना रिकॉर्ड रखने का प्रस्ताव था, लेकिन यह शर्त 10 मार्च 2026 के अंतिम संशोधन में अधिसूचित प्रमुख सुधारों में शामिल नहीं थी।
FSSAI ने लाइसेंस और पंजीकरण संशोधन विनियम 2026 अधिसूचित किए, स्थायी लाइसेंस वैधता शुरू
FSSAI ने नवीनीकरण की ज़रूरत खत्म कर लाइसेंस की स्थायी वैधता, जोखिम-आधारित निरीक्षण और स्ट्रीट वेंडरों के लिए मानित पंजीकरण शुरू किया।
मुख्य तथ्य
- FSSAI ने 10 मार्च 2026 को खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंसिंग और पंजीकरण) संशोधन विनियम, 2026 अधिसूचित किए।
- प्रमुख सुधार के तहत FSSAI लाइसेंस अब निलंबित या रद्द किए जाने अथवा लाइसेंस वापस किए जाने तक अनिश्चित काल के लिए वैध रहेंगे।
- जोखिम के आधार पर निरीक्षण और तीसरे पक्ष से ऑडिट की व्यवस्था की गई है।
- पथ विक्रेता अधिनियम, 2014 के तहत पंजीकृत रेहड़ी-पटरी वाले खाद्य विक्रेताओं को FSSAI में पंजीकृत माना जाएगा।
- संशोधित टर्नओवर सीमाएँ 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी; ₹1.5 करोड़ तक के सालाना टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए केवल FSSAI पंजीकरण पर्याप्त होगा।
- जनवरी 2026 की एक अलग मसौदा अधिसूचना में खाद्य विनिर्माण व्यवसायों के लिए उत्पादन और कच्चे माल के इस्तेमाल का रोज़ाना रिकॉर्ड रखने का प्रस्ताव था; यह 10 मार्च 2026 को अधिसूचित अंतिम संशोधन के प्रमुख सुधारों में शामिल नहीं था।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: एफएसएसएआई के 2026 लाइसेंसिंग एवं पंजीकरण संशोधन विनियमों तथा व्यापार सुगमता और खाद्य सुरक्षा प्रशासन पर उनके प्रभाव का मूल्यांकन करें।
उत्तर (50 शब्द): 10 मार्च 2026 को अधिसूचित संशोधनों में एफएसएसएआई ने आवधिक नवीनीकरण की जगह निलंबन, रद्दीकरण अथवा समर्पण तक स्थायी वैधता शुरू की। जोखिम के आधार पर निरीक्षण और तीसरे पक्ष की लेखा परीक्षा का ढांचा लागू हुआ; 2014 अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर पंजीकृत माने जाएंगे। 1 अप्रैल 2026 से 1.5 करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए केवल पंजीकरण आवश्यक होगा।
इस विषय की स्थिर तैयारी
इस खबर के पीछे का स्थायी सिलेबस पढ़ें।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
FSSAI लाइसेंसिंग और पंजीकरण संशोधन विनियम, 2026 द्वारा कौन-सा प्रमुख सुधार किया गया?
FSSAI संशोधन विनियम 2026 ने अनिश्चितकालीन लाइसेंस वैधता पेश की — FSSAI लाइसेंस निलंबित, रद्द या समर्पित होने तक अनिश्चित काल तक वैध रहेंगे, जिससे आवधिक नवीनीकरण समाप्त हो गया। जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली भी स्थापित की गई।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
FSSAI के 2026 के संशोधन विनियमों में लाइसेंस की स्थायी वैधता का क्या प्रावधान है?
**FSSAI के 2026 के लाइसेंस और पंजीकरण संशोधन विनियमों** को 10 मार्च 2026 को अधिसूचित किया गया। इनके तहत FSSAI के लाइसेंस और पंजीकरण अब **निलंबित या रद्द किए जाने अथवा लाइसेंस वापस किए जाने तक अनिश्चित काल के लिए वैध** रहेंगे, इसलिए समय-समय पर नवीनीकरण की ज़रूरत नहीं होगी। **जोखिम के आधार पर निरीक्षण और तीसरे पक्ष से ऑडिट की व्यवस्था** भी की गई है।
FSSAI के 2026 के संशोधन विनियमों के तहत किन खाद्य व्यवसायों के लिए केवल पंजीकरण पर्याप्त होगा?
**1 अप्रैल 2026 से लागू FSSAI के लाइसेंस और पंजीकरण संशोधन विनियमों** के तहत **₹1.5 करोड़ तक के सालाना टर्नओवर** वाले खाद्य व्यवसायों के लिए केवल **FSSAI पंजीकरण** पर्याप्त होगा; उन्हें पूर्ण लाइसेंस की ज़रूरत नहीं होगी। जनवरी 2026 के एक अलग मसौदे में खाद्य विनिर्माण व्यवसायों के लिए **उत्पादन और कच्चे माल के इस्तेमाल का रोज़ाना रिकॉर्ड** रखने का प्रस्ताव था, लेकिन यह शर्त 10 मार्च 2026 के अंतिम संशोधन के प्रमुख सुधारों में शामिल नहीं थी।
FSSAI के 2026 के संशोधन विनियमों में रेहड़ी-पटरी वाले खाद्य विक्रेताओं के लिए क्या प्रावधान है?
**पथ विक्रेता अधिनियम, 2014 के तहत पंजीकृत रेहड़ी-पटरी वाले खाद्य विक्रेताओं** को अब **FSSAI में पंजीकृत माना जाएगा**। इस कारण 2014 के अधिनियम के तहत पहले से पंजीकृत इन विक्रेताओं को अलग से FSSAI पंजीकरण कराने की ज़रूरत नहीं होगी। यह प्रावधान 10 मार्च 2026 को अधिसूचित FSSAI के संशोधन विनियमों में किया गया है।
FSSAI ने 2026 के विनियमों में निरीक्षण और ऑडिट की कौन-सी नई व्यवस्था की है?
**FSSAI के 2026 के लाइसेंस और पंजीकरण संशोधन विनियमों** ने **जोखिम के आधार पर निरीक्षण और तीसरे पक्ष से ऑडिट की व्यवस्था** की है। लाइसेंस अब स्थायी रूप से वैध रहेंगे और समय-समय पर नवीनीकरण नहीं कराना होगा। पथ विक्रेता अधिनियम, 2014 के तहत पंजीकृत विक्रेताओं को FSSAI में पंजीकृत माना जाएगा। साथ ही, **1 अप्रैल 2026** से लागू संशोधित टर्नओवर सीमा के अनुसार **₹1.5 करोड़ तक** के सालाना टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए केवल FSSAI पंजीकरण पर्याप्त होगा।
FSSAI ने 2026 के लाइसेंस और पंजीकरण संशोधन विनियम कब अधिसूचित किए और संशोधित टर्नओवर सीमाएँ कब से लागू होंगी?
**FSSAI** ने **खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंसिंग और पंजीकरण) संशोधन विनियम, 2026** को **10 मार्च 2026** को अधिसूचित किया। **संशोधित टर्नओवर सीमाएँ 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी**। विनियमों में लाइसेंस की **स्थायी वैधता**, **जोखिम के आधार पर निरीक्षण** और **₹1.5 करोड़ तक के सालाना टर्नओवर** वाले खाद्य व्यवसायों के लिए केवल पंजीकरण का प्रावधान है।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें