प्रकाशित: 16 अक्टूबर 2025अर्थव्यवस्था
IEA रिपोर्ट: 2035 तक टिकाऊ ईंधन का वैश्विक उपयोग चार गुना हो सकता है
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने 'टिकाऊ ईंधन वितरण: 2035 तक के मार्ग' रिपोर्ट जारी की है। इसमें अनुमान लगाया गया है कि 2035 तक दुनिया में टिकाऊ ईंधन का उपयोग चार गुना हो सकता है। अभी टिकाऊ ईंधनों से वैश्विक तेल मांग में रोजाना लगभग 25 लाख बैरल की कमी आती है। अनुमानित संचयी निवेश 1.5 लाख करोड़ डॉलर है, जिससे विश्व स्तर पर लगभग 20 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होंगी।
भारत इस बदलाव में प्रमुख भूमिका निभाने की स्थिति में है। राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन 2030 तक 50 लाख टन वार्षिक हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखता है और इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम ने पेट्रोल में 2025 में 20% इथेनॉल मिश्रण समय से पहले हासिल कर लिया है। राजस्थान पश्चिमी जिलों में जेट्रोफा और अरंडी की खेती के आधार पर जैव ईंधन उत्पादन का प्रमुख राज्य बन रहा है।
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IEA रिपोर्ट 'डिलीवरिंग सस्टेनेबल फ्यूल्स: पाथवेज टू 2035' के अनुसार, 2035 तक दुनिया भर में सतत ईंधनों का उपयोग कितना बढ़ सकता है?
व्याख्या · सही उत्तर CIEA रिपोर्ट ने अनुमान लगाया कि 2035 तक दुनिया में सतत ईंधनों का उपयोग चौगुना हो सकता है। फिलहाल सतत ईंधन वैश्विक तेल मांग को लगभग 25 लाख बैरल प्रतिदिन कम करते हैं। अनुमानित संचयी निवेश आवश्यकता 1.5 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर है, जिससे विश्व स्तर पर लगभग 20 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
IEA की रिपोर्ट 2035 तक टिकाऊ ईंधनों के वैश्विक उपयोग के बारे में क्या कहती है?
IEA की रिपोर्ट **'Delivering Sustainable Fuels: Pathways to 2035'** का अनुमान है कि 2035 तक टिकाऊ ईंधनों का वैश्विक उपयोग **चार गुना** हो सकता है। इसके लिए **1.5 लाख करोड़ डॉलर** के संचयी निवेश की जरूरत होगी और लगभग **20 लाख प्रत्यक्ष रोजगार** सृजित होंगे।
वर्तमान में टिकाऊ ईंधनों से वैश्विक तेल मांग में कितनी कमी आती है?
वर्तमान में टिकाऊ ईंधनों से वैश्विक तेल मांग में प्रतिदिन लगभग **25 लाख बैरल** की कमी आती है। IEA का अनुमान है कि 2035 तक यह क्षमता **चार गुना** बढ़ सकती है।
भारत का राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन क्या है?
भारत के **राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन** में 2030 तक सालाना **50 लाख मेट्रिक टन** हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है और **8 अरब डॉलर** का निवेश आकर्षित करने की योजना है। IEA ने भारत को टिकाऊ ईंधनों की ओर बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला देश बताया है।
IEA रिपोर्ट के अनुसार टिकाऊ ईंधनों की ओर बदलाव से कितने रोजगार मिलेंगे?
IEA के अनुसार टिकाऊ ईंधन के उपयोग को चार गुना बढ़ाने से वैश्विक स्तर पर लगभग **20 लाख प्रत्यक्ष रोजगार** सृजित होंगे। इसके लिए **1.5 लाख करोड़ डॉलर** के संचयी निवेश की आवश्यकता होगी।
IEA की रिपोर्ट का नाम क्या है जो टिकाऊ ईंधन पर केंद्रित है?
IEA की रिपोर्ट का नाम **'Delivering Sustainable Fuels: Pathways to 2035'** है। यह रिपोर्ट 2035 तक वैश्विक टिकाऊ ईंधन उपयोग में चार गुना वृद्धि की संभावना बताती है।