भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (GSI) ने अक्टूबर 2025 के अंत में बाँसवाड़ा जिले की घाटोल तहसील के कनकारिया गाँव में तीसरा स्वर्ण-युक्त क्षेत्र चिह्नित किया। भुकिया और जगपुरा में पूर्व की खोजों के बाद यह तीसरी बड़ी उपलब्धि है। प्रारंभिक सर्वेक्षण के अनुसार 940 हेक्टेयर से अधिक खनिज भूमि से 222 टन से अधिक शुद्ध सोना निकाला जा सकता है। इसके अतिरिक्त तांबा, निकेल एवं कोबाल्ट के अंश भी मिले हैं। वर्तमान बाजार दर (~₹75,000 प्रति 10 ग्राम) पर कनकारिया ब्लॉक की कीमत ₹16,500 करोड़ से अधिक हो सकती है। अक्टूबर 2025 में नए खनन टेंडर दाखिल हुए; बोलियाँ 3 नवम्बर को खुलनी थीं। उत्पादन शुरू होने पर राजस्थान प्रतिवर्ष 10–15 टन सोना उत्पादित कर कर्नाटक के बाद दूसरा स्वर्ण-खनन राज्य बन सकता है, जो भारत के घरेलू उत्पादन का 25% से अधिक होगा।
GSI ने राजस्थान के बाँसवाड़ा में तीसरा स्वर्ण भंडार खोजा — कनकारिया ब्लॉक में 222 टन अनुमानित
भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (GSI) ने अक्टूबर 2025 के अंत में बाँसवाड़ा जिले की घाटोल तहसील के कनकारिया गाँव में सोने की मौजूदगी वाला तीसरा क्षेत्र चिह्नित किया। भुकिया और जगपुरा में पहले हुई खोजों के बाद यह तीसरी बड़ी उपलब्धि है। प्रारंभिक सर्वेक्षण के अनुसार 940 हेक्टेयर से अधिक खनिज भूमि से 222 टन से अधिक शुद्ध सोना निकाला जा सकता है। इसके अतिरिक्त तांबा, निकेल एवं कोबाल्ट के अंश भी मिले हैं। वर्तमान बाजार दर (~₹75,000 प्रति 10 ग्राम) पर कनकारिया ब्लॉक की कीमत ₹16,500 करोड़ से अधिक हो सकती है। अक्टूबर 2025 में नए खनन टेंडर दाखिल हुए; बोलियाँ 3 नवम्बर को खुलनी थीं। उत्पादन शुरू होने पर राजस्थान प्रतिवर्ष 10–15 टन सोना उत्पादित कर कर्नाटक के बाद दूसरा सोना-खनन राज्य बन सकता है, जो भारत के घरेलू उत्पादन का 25% से अधिक होगा।
मुख्य तथ्य
- GSI ने राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले के कनकारिया गाँव में सोने की मौजूदगी वाला तीसरा क्षेत्र खोजा।
- प्रारंभिक सर्वे में 940+ हेक्टेयर खनिज भूमि से 222 टन से अधिक शुद्ध सोने का अनुमान है।
- वर्तमान सोने की दर (~₹75,000/10 ग्राम) पर कनकारिया ब्लॉक की अनुमानित कीमत ₹16,500 करोड़ से अधिक हो सकती है।
- बाँसवाड़ा में इससे पहले भुकिया और जगपुरा में सोने की खोजें हो चुकी हैं।
- राजस्थान प्रतिवर्ष 10-15 टन सोना उत्पादित कर कर्नाटक के बाद दूसरा स्वर्ण-खनन राज्य बन सकता है।
- अक्टूबर 2025 में खनन के नए टेंडर जमा किए गए, बोलियाँ 3 नवम्बर को खुलनी थीं।
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अक्टूबर 2025 के अंत में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने कांकरिया गाँव में तीसरा स्वर्ण-युक्त क्षेत्र राजस्थान के किस ज़िले में घोषित किया है?
जीएसआई ने राजस्थान के बांसवाड़ा ज़िले की घाटोल तहसील के कांकरिया गाँव में तीसरा स्वर्ण-युक्त क्षेत्र चिन्हित किया, जो भूकिया और जगपुरा में पूर्व खोजों के बाद की खोज है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
GSI ने राजस्थान में तीसरा स्वर्ण भंडार कहाँ खोजा और इसकी अनुमानित मात्रा कितनी है?
भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (GSI) ने राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले की घाटोल तहसील के कनकारिया गाँव में तीसरा स्वर्ण-युक्त क्षेत्र खोजा। प्रारंभिक सर्वेक्षण के अनुसार 940 हेक्टेयर से अधिक खनिज भूमि से 222 टन से अधिक शुद्ध सोना निकाला जा सकता है।
बाँसवाड़ा में कनकारिया स्वर्ण ब्लॉक का अनुमानित आर्थिक मूल्य क्या है?
वर्तमान बाजार दर लगभग ₹75,000 प्रति 10 ग्राम के हिसाब से अकेले कनकारिया ब्लॉक का मूल्य ₹16,500 करोड़ से अधिक अनुमानित है, जो राजस्थान के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खनिज खोज है।
कनकारिया से पहले बाँसवाड़ा जिले में कौन से अन्य स्वर्ण भंडार खोजे गए थे?
कनकारिया खोज से पहले GSI ने बाँसवाड़ा जिले में दो स्वर्ण-युक्त क्षेत्र — भुकिया और जगपुरा — चिह्नित किए थे। इस तरह कनकारिया जिले में तीसरा बड़ा स्वर्ण भंडार बन गया।
बाँसवाड़ा स्वर्ण खोज का राजस्थान के खनन क्षेत्र के लिए क्या महत्व है?
प्रतिवर्ष 10–15 टन सोने के उत्पादन की क्षमता से राजस्थान कर्नाटक के बाद भारत का दूसरा स्वर्ण-खनन राज्य बन सकता है। बाँसवाड़ा के भंडारों में तांबा, निकेल और कोबाल्ट जैसे सहवर्ती खनिज भी मिले हैं।
भारत में खनिज भंडारों की खोज और सर्वेक्षण के लिए कौन सी संस्था जिम्मेदार है?
भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (GSI) खान मंत्रालय के अंतर्गत प्रमुख सरकारी संस्था है। यह पूरे भारत में सोना, कोयला और अन्य खनिजों से जुड़े भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण तथा खनिज भंडारों की पहचान का काम करती है।
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