चिकित्सा विज्ञान का 2025 नोबेल पुरस्कार मैरी ई. ब्रंकाउ, फ्रेड रैम्सडेल (दोनों अमेरिका) और शिमोन साकागुची (जापान) को परिधीय प्रतिरक्षा सहिष्णुता से संबंधित खोजों के लिए दिया गया। उनके शोध से नियामक टी कोशिकाओं की पहचान हुई, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को शरीर की अपनी कोशिकाओं पर हमला करने से रोकती हैं।

साकागुची ने 1995 में प्रतिरक्षा कोशिकाओं के एक नए वर्ग की खोज की। 2001 में ब्रंकाउ और रैम्सडेल ने फॉक्सपी3 जीन उत्परिवर्तन की पहचान की। इन खोजों ने कैंसर और स्व-प्रतिरक्षी रोगों के नए उपचारों की नींव रखी।