विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने 12 दिसंबर को कहा कि भारत नई दवाओं की खोज को नई दिशा देने के लिए जेनरेटिव AI पर भरोसा कर रहा है। PathGennie जैसी प्रौद्योगिकियों के बारे में बोलते हुए उन्होंने बताया कि भारत के ओपन-सोर्स प्रयास और कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी क्षमताएं देश को किफायती फार्मास्युटिकल नवाचार में अग्रणी बना रही हैं।

USD 5,000 करोड़ से अधिक मूल्य वाले भारत के फार्मा क्षेत्र को AI आधारित तरीकों से लाभ होगा, जो दवा विकास में आम तौर पर लगने वाली 10-12 वर्षों की समयसीमा को घटा सकते हैं।