5 सितंबर 2025 को भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और उनकी पत्नी ने अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए। भूटानी प्रधानमंत्री का सुबह लगभग 9:30 बजे लाल कालीन बिछाकर स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस यात्रा का स्वागत करते हुए इसे भारत-भूटान के विशेष संबंधों का प्रतिबिंब बताया। यह यात्रा भारत-भूटान संबंधों में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपर्कों को रेखांकित करती है। यह शेरिंग तोबगे की सितंबर 2025 की भारत यात्रा का हिस्सा थी, जिसमें राजगीर और बोधगया से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल थे।
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर का दौरा किया
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने 5 सितंबर 2025 को अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए।
मुख्य तथ्य
- भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने 5 सितंबर 2025 को अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस यात्रा का स्वागत करते हुए इसे भारत और भूटान के विशेष संबंधों का प्रतिबिंब बताया।
- यह यात्रा राजगीर और बोधगया से जुड़े कार्यक्रमों सहित शेरिंग तोबगे की सितंबर 2025 की भारत यात्रा का हिस्सा थी।
- यात्रा ने भारत और भूटान के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को रेखांकित किया।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर दर्शन करने वाले पहले विदेशी सरकार-प्रमुख बनने के भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे के निर्णय के राजनयिक महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
5 सितंबर 2025 को भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे तथा उनकी पत्नी ने अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के दर्शन किए; वे नवनिर्मित मंदिर में रामलला के समक्ष नमन करने वाले पहले विदेशी प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत-भूटान संबंधों का प्रतिबिंब बताते हुए स्वागत किया; यह चार-दिवसीय भ्रमण का भाग था।
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भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे भारत में किस नवनिर्मित मंदिर का दौरा करने वाले पहले विदेशी प्रधानमंत्री बने?
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने 5 सितंबर 2025 को अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर का दौरा किया, जिससे वे रामलला को नमन करने वाले किसी विदेशी देश के पहले प्रधानमंत्री बने।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे के अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर दर्शन का क्या महत्व था?
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए। यह यात्रा भारत-भूटान के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को रेखांकित करती है।
राम जन्मभूमि मंदिर क्या है और इसकी प्राण-प्रतिष्ठा कब हुई?
राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या, उत्तर प्रदेश में स्थित है। श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुई।
सुप्रीम कोर्ट का 2019 अयोध्या फैसला क्या था?
9 नवंबर 2019 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने विवादित भूमि पर मंदिर निर्माण की व्यवस्था दी और सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए 5 एकड़ वैकल्पिक भूमि देने का निर्देश दिया।
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