अक्टूबर 2025 में भारत के शिक्षित बेरोजगारी संकट पर गंभीर ध्यान गया। आंकड़ों के अनुसार भारत के 66% बेरोजगार स्नातक या स्नातकोत्तर हैं। हरियाणा में 46,000 स्नातकों ने सफाईकर्मी की नौकरी के लिए आवेदन किया; राजस्थान में 2017 में 18 चपरासी पदों के लिए 12,000 से अधिक लोगों ने साक्षात्कार दिया था। 2024 में पाँच में से दो IIT स्नातकों को नियुक्ति नहीं मिली।

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में वित्त वर्ष 2024 में 64,000 नौकरियाँ घटीं। औसत स्नातक वेतन लगभग एक दशक से 3-4 लाख रुपये वार्षिक पर स्थिर है। विशेषज्ञ शैक्षिक पाठ्यक्रम और उद्योग की माँगों के बीच बेमेल को कारण बताते हैं। 4 अक्टूबर 2025 को शुरू पीएम-सेतु आईटीआई उन्नयन के ज़रिए रोजगार-योग्यता पर केंद्रित है; 11 अक्टूबर 2025 को शुरू प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 100 जिलों के लिए कृषि उत्पादकता योजना है, इसलिए इसे प्रत्यक्ष कौशल-रोजगार कार्यक्रम नहीं बताया जाना चाहिए।