प्रकाशित: 8 सितंबर 2025अर्थव्यवस्था
अमेरिकी फ़ार्मा टैरिफ़ से भारत के $30.45 अरब के फ़ार्मा निर्यात को खतरा
भारत के दवा उद्योग पर दबाव बढ़ रहा है, क्योंकि अमेरिका ने 1 अक्टूबर 2025 से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के आयात पर 100% टैरिफ़ लगा दिया है। जेनेरिक दवाओं को अभी इससे छूट मिली हुई है, लेकिन इस कदम से वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है।
भारत 200 से अधिक देशों को जेनेरिक दवाएँ भेजता है और उसके फ़ार्मा निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी 31.35% है। भारतीय जेनेरिक दवाओं से 2022 में अमेरिका के स्वास्थ्य-सेवा खर्च में $219 अरब की बचत हुई और अमेरिका में लिखे जाने वाले 90% से अधिक नुस्खों में इनका इस्तेमाल होता है। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, कैलेंडर वर्ष 2025 में भारत का फ़ार्मा निर्यात $30.45 अरब रहा। वैश्विक जेनेरिक दवा बाज़ार 2030 तक $614 अरब तक पहुँचने का अनुमान है। अलग से, 22 सितंबर से लागू GST युक्तिकरण के तहत कई दवाओं पर कर 12% से घटाकर 5% या शून्य कर दिया गया।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमेरिका के फ़ार्मा टैरिफ़ से भारत के जेनेरिक दवा निर्यात को कैसे खतरा है?
**अमेरिका ने 1 अक्टूबर 2025 से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के आयात पर 100% टैरिफ़ लगाया है, जबकि जेनेरिक दवाओं को अभी तक छूट मिली हुई है।** फिर भी, इस कदम से अमेरिकी बाज़ार में भारत के $2,500 करोड़ के जेनेरिक दवा निर्यात को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है।
अमेरिका को भारत का जेनेरिक दवा निर्यात कितने का है?
**अमेरिका को भारत के जेनेरिक दवा निर्यात का मूल्य 2,500 करोड़ डॉलर है**, इसलिए अमेरिका भारत का सबसे बड़ा फ़ार्मा निर्यात बाज़ार है। **भारत 200 से अधिक देशों को जेनेरिक दवाएँ भेजता है और उसके फ़ार्मा निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी 31.35% है।**
भारत को दुनिया की फ़ार्मेसी क्यों कहा जाता है?
**भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है** और मात्रा के आधार पर वैश्विक जेनेरिक दवा निर्यात में उसकी हिस्सेदारी 20% है। **भारतीय जेनेरिक दवाओं से 2022 में अमेरिका के स्वास्थ्य-सेवा खर्च में $219 अरब की बचत हुई और अमेरिका में 90% से अधिक नुस्खों में इन्हीं का इस्तेमाल होता है।**
अमेरिकी फ़ार्मा टैरिफ़ का अमेरिकी उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?
**भारत का फ़ार्मा निर्यात 2025 में $30.45 अरब रहा और वैश्विक जेनेरिक दवा बाज़ार 2030 तक $614 अरब तक पहुँचने का अनुमान है।** भारतीय जेनेरिक दवाओं पर ऊँचा टैरिफ़ लगने से सस्ती दवाओं पर निर्भर अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए दवाओं की कीमतें बढ़ेंगी।
संभावित अमेरिकी फ़ार्मा टैरिफ़ पर भारत की क्या प्रतिक्रिया है?
**अलग से, 22 सितंबर से लागू GST युक्तिकरण के तहत कई दवाओं पर कर 12% से घटाकर 5% या शून्य कर दिया गया।** भारत पारस्परिक निर्भरता और सस्ती अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा पर टैरिफ़ के असर को सामने रखने के लिए अमेरिका के साथ राजनयिक बातचीत कर रहा है।