प्रकाशित: 19 अक्टूबर 2025अर्थव्यवस्था
श्रम मंत्रालय ने NCS से 2.5 लाख वार्षिक नौकरियों के लिए ज़ोमैटो से MoU किया
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने राष्ट्रीय कैरियर सेवा (NCS) पोर्टल से सालाना लगभग 2.5 लाख नौकरी के अवसर सृजित करने के लिए ज़ोमैटो के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य NCS प्लेटफ़ॉर्म पर पंजीकृत नौकरी चाहने वालों को खाद्य डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और हाइपरलोकल सेवाओं में गिग अर्थव्यवस्था के अवसरों से जोड़ना है।
भारत की गिग अर्थव्यवस्था 2020-21 में अनुमानित 77 लाख श्रमिकों से बढ़कर 2029-30 तक 2.35 करोड़ श्रमिकों तक पहुंचने का अनुमान है। 20 नवंबर 2025 तक NCS पोर्टल पर शुरुआत से 6.02 करोड़ से अधिक नौकरी चाहने वाले और 54.27 लाख से अधिक नियोक्ता पंजीकृत थे। राजस्थान में 15 लाख से अधिक नौकरी चाहने वाले NCS में पंजीकृत हैं, और जयपुर तथा जोधपुर गिग कामगारों के प्रमुख शहरी रोजगार केंद्र हैं।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयआर्थिकपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनों
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नआसान
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और ज़ोमैटो के समझौता ज्ञापन के तहत नौकरी चाहने वालों को गिग अर्थव्यवस्था के अवसरों से जोड़ने के लिए कौन-सा प्लेटफ़ॉर्म नामित किया गया?
व्याख्या · सही उत्तर Bश्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने राष्ट्रीय कैरियर सेवा (NCS) पोर्टल से वार्षिक लगभग 2.5 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए ज़ोमैटो के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसमें वर्तमान में 3 करोड़ से अधिक पंजीकृत नौकरी चाहने वाले और 38 लाख सक्रिय नियोक्ता हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रम मंत्रालय ने ज़ोमैटो के साथ किस MoU पर हस्ताक्षर किए?
**श्रम और रोजगार मंत्रालय** ने **ज़ोमैटो** के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत **राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल** से खाद्य वितरण, लॉजिस्टिक्स और हाइपरलोकल सेवाओं में सालाना लगभग **2.5 लाख रोजगार** अवसर सृजित होंगे।
भारत का NCS पोर्टल क्या है?
**राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल** श्रम और रोजगार मंत्रालय का डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जो नौकरी तलाशने वालों को रोजगार अवसरों से जोड़ता है। इस पर **1 करोड़ से अधिक पंजीकृत नौकरी तलाशने वाले** हैं। ज़ोमैटो MoU इन्हें गिग अर्थव्यवस्था के अवसरों से जोड़ेगा।
2029-30 तक भारत की गिग अर्थव्यवस्था कितनी बड़ी होगी?
भारत की गिग अर्थव्यवस्था **2020-21 के 77 लाख श्रमिकों** से बढ़कर **2029-30 तक 2.35 करोड़** होने का अनुमान है। श्रम मंत्रालय का ज़ोमैटो के साथ MoU इस क्षेत्र में औपचारिक रोजगार के रास्ते बनाने का प्रयास है।
NCS पोर्टल पर कितने नौकरी तलाशने वाले पंजीकृत हैं?
20 नवंबर 2025 तक भारत के **NCS पोर्टल** पर शुरुआत से **6.02 करोड़ से अधिक नौकरी चाहने वाले** पंजीकृत थे। श्रम मंत्रालय-ज़ोमैटो MoU इस प्लेटफ़ॉर्म पर गिग अर्थव्यवस्था में सालाना **2.5 लाख रोजगार** अवसर सृजित करेगा।
भारत-ज़ोमैटो NCS MoU से किन क्षेत्रों में रोजगार मिलेंगे?
**श्रम मंत्रालय-ज़ोमैटो समझौता ज्ञापन** के तहत NCS पोर्टल से **खाद्य वितरण, लॉजिस्टिक्स और हाइपरलोकल सेवाओं** में गिग अर्थव्यवस्था से जुड़ी नौकरियां पैदा होंगी। भारत की गिग अर्थव्यवस्था 2029-30 तक 2.35 करोड़ श्रमिकों तक पहुंचने का अनुमान है।