प्रकाशित: 17 सितंबर 2025टॉपिक
भारत ने सारनाथ को 2025-26 चक्र के तहत UNESCO विश्व धरोहर सूची में नामांकित किया
भारत ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पास प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को 2025-26 नामांकन चक्र के तहत UNESCO विश्व धरोहर सूची में आधिकारिक रूप से नामांकित किया, अस्थायी सूची में 27 साल की प्रतीक्षा समाप्त हुई। सारनाथ वह स्थान है जहां गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश (धम्मचक्कप्पवत्तन सुत्त) दिया था।
प्रमुख स्मारकों में धामेक स्तूप (लगभग 500 ईस्वी), जिसे बुद्ध के पहले उपदेश का सटीक स्थान माना जाता है, और अशोक स्तंभ शामिल है जिसके शीर्ष पर मूल रूप से सिंह शीर्ष था, जो अब भारत का राष्ट्रीय प्रतीक है। ASI स्थानीय शासक बाबू जगत सिंह (1787-88) को सारनाथ के पुरातात्विक महत्व को उजागर करने का श्रेय देने वाली नई पट्टिका लगाएगा। UNESCO मूल्यांकन दल ने सितंबर 2025 के अंत में सारनाथ का दौरा किया।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
सारनाथ में कौन-सी प्राचीन संरचना बुद्ध के पहले उपदेश के सटीक स्थान की पहचान कराती है?
व्याख्या · सही उत्तर Cसारनाथ में धामेक स्तूप (लगभग 500 ईस्वी) वह स्थान चिह्नित करता है जहां बुद्ध ने पहला उपदेश (धम्मचक्कप्पवत्तन) दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025-26 में UNESCO विश्व धरोहर के लिए भारत का सारनाथ नामांकन क्या है?
भारत ने 2025-26 नामांकन चक्र के तहत वाराणसी के पास स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को UNESCO विश्व धरोहर सूची के लिए आधिकारिक रूप से नामांकित किया।
बौद्ध धर्म और भारतीय विरासत के लिए सारनाथ का क्या महत्व है?
सारनाथ वह स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश, धम्मचक्कप्पवत्तन, दिया था।
सारनाथ कहाँ स्थित है और इसके मुख्य पुरातात्विक स्मारक कौन से हैं?
**सारनाथ वाराणसी, उत्तर प्रदेश के पास स्थित है**। **Key monuments include Dhamek Stupa (c. 500 CE) and Ashokan Pillar originally cro**। प्रमुख स्मारकों में धमेक स्तूप, अशोक स्तंभ और बौद्ध मठ शामिल हैं।
भारत द्वारा सारनाथ को UNESCO विश्व धरोहर दर्जे के लिए नामांकित करने की प्रक्रिया क्या है?
**ASI सारनाथ की पुरातात्त्विक पहचान सामने लाने का श्रेय बाबू जगत सिंह (1787-88) को देते हुए नई पट्टिका लगाएगा**। भारत UNESCO को नामांकन दस्तावेज़ जमा करता है और विश्व धरोहर समिति के निर्णय से पहले ICOMOS साइट का मूल्यांकन करता है।
भारत में बौद्ध धर्म से संबंधित कितने UNESCO विश्व धरोहर स्थल हैं?
**UNESCO मूल्यांकन दल ने सितंबर 2025 के अंत में सारनाथ का दौरा किया**। भारत में बोधगया और सांची सहित कई बौद्ध UNESCO स्थल हैं; सारनाथ का नामांकन इस बौद्ध विरासत को और समृद्ध करेगा।