राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 22–23 अक्टूबर 2025 को 23 राज्यों में त्रि-आयामी लेज़र सेंसर, 360-डिग्री हाई-रेजोल्यूशन कैमरा, DGPS, IMU एवं DMI से सुसज्जित नेटवर्क सर्वे वाहन (NSV) तैनात करने की घोषणा की। ये वाहन 20,933 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का सर्वेक्षण करेंगे। NSV बिना मानवीय हस्तक्षेप के सड़क दोष — दरार, गड्ढे एवं पैच — स्वत: चिह्नित करते हैं। संग्रहीत डेटा NHAI के AI-आधारित 'डेटा लेक' पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जहाँ विशेषज्ञ उसका विश्लेषण करेंगे। परियोजना प्रारम्भ से पूर्व तथा प्रत्येक छह माह पर सर्वेक्षण होगा। यह पहल डेटा-आधारित अवसंरचना प्रबंधन की दिशा में भारत का महत्त्वपूर्ण कदम है।
NHAI ने AI-आधारित राजमार्ग निगरानी के लिए 23 राज्यों में त्रि-आयामी लेज़र नेटवर्क सर्वे वाहन तैनात किए
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 22–23 अक्टूबर 2025 को 23 राज्यों में त्रि-आयामी लेज़र सेंसर, 360-डिग्री हाई-रेजोल्यूशन कैमरा, DGPS, IMU एवं DMI से सुसज्जित नेटवर्क सर्वे वाहन (NSV) तैनात करने की घोषणा की, जो 20,933 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का सर्वेक्षण करेंगे। NSV बिना मानवीय हस्तक्षेप के सड़क दोष — दरार, गड्ढे एवं पैच — स्वतः चिह्नित करते हैं। संग्रहीत डेटा NHAI के AI-आधारित 'डेटा लेक' पोर्टल पर अपलोड होगा और विशेषज्ञ उसका विश्लेषण करेंगे। परियोजना प्रारम्भ से पूर्व तथा प्रत्येक छह माह पर सर्वेक्षण होगा। यह पहल डेटा-आधारित अवसंरचना प्रबंधन की दिशा में भारत का महत्त्वपूर्ण कदम है।
मुख्य तथ्य
- NHAI ने 23 राज्यों में 20,933 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों के सर्वे के लिए त्रि-आयामी लेज़र नेटवर्क सर्वे वाहन तैनात किए।
- NSV में त्रि-आयामी लेज़र सेंसर, 360-डिग्री कैमरा, DGPS, IMU और DMI लगे हैं।
- वाहन बिना मानवीय हस्तक्षेप के दरार, गड्ढे और पैच जैसी सड़क की खराबियों को स्वतः पहचान लेते हैं।
- सभी डेटा NHAI के AI-आधारित 'डेटा लेक' पोर्टल पर विश्लेषण के लिए अपलोड होता है।
- परियोजना प्रारम्भ से पूर्व और प्रत्येक छह माह पर सर्वेक्षण किए जाते हैं।
- यह पहल डेटा-आधारित अवसंरचना प्रबंधन की दिशा में भारत के प्रयासों के अनुरूप है।
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एनएचएआई के 3डी लेजर नेटवर्क सर्वे वाहनों से एकत्र डेटा एआई-आधारित विशेषज्ञ विश्लेषण के लिए कहाँ अपलोड किया जाता है?
सभी एकत्रित डेटा को विशेषज्ञ विश्लेषण के लिए एनएचएआई के एआई-आधारित 'डेटा लेक' पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। परियोजना शुरू होने से पहले और उसके बाद छह महीने के अंतराल पर सर्वेक्षण किए जाएंगे। यह भारत की उस कोशिश से मेल खाता है जिसमें अवसंरचना का प्रबंधन डेटा और तकनीक के आधार पर किया जा रहा है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NHAI द्वारा तैनात नेटवर्क सर्वे वाहन (NSV) क्या हैं और इनमें कौन-सी तकनीक का उपयोग होता है?
नेटवर्क सर्वे वाहन (NSV) NHAI द्वारा 23 राज्यों में 20,933 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों पर तैनात उन्नत सड़क निरीक्षण वाहन हैं। इनमें त्रि-आयामी लेज़र सेंसर, 360-डिग्री हाई-रेजोल्यूशन कैमरा, DGPS, IMU और DMI लगे हैं, जो सड़क दोषों की स्वतः पहचान करते हैं।
NHAI का 'डेटा लेक' पोर्टल क्या है और यह कैसे काम करता है?
NHAI का 'डेटा लेक' एक AI-आधारित पोर्टल है, जहाँ नेटवर्क सर्वे वाहनों से जुटाया गया सारा डेटा विशेषज्ञ विश्लेषण के लिए अपलोड किया जाता है। इससे डेटा के आधार पर निर्णय लेने में मदद मिलती है और राजमार्ग रखरखाव तथा अवसंरचना प्रबंधन अधिक कुशल बनता है।
NHAI के नेटवर्क सर्वे वाहन कितनी बार सड़क सर्वेक्षण करते हैं?
NHAI के नेटवर्क सर्वे वाहन परियोजना शुरू होने से पहले और उसके बाद हर छह महीने में सर्वेक्षण करते हैं। इस नियमित निगरानी से दरार, गड्ढों और पैच जैसे सड़क दोषों का समय पर पता चलता है और उनकी मरम्मत सुनिश्चित होती है।
NHAI की NSV तैनाती कितने राज्यों और कितने किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों तक फैली है?
NHAI की नेटवर्क सर्वे वाहन तैनाती पूरे भारत के 23 राज्यों में 20,933 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों की निगरानी करती है। यह व्यापक तैनाती अवसंरचना प्रबंधन में तकनीक के उपयोग की दिशा में भारत के प्रयासों को दर्शाती है।
NHAI के नेटवर्क सर्वे वाहन किस प्रकार के सड़क दोषों की स्वतः पहचान कर सकते हैं?
NHAI के NSV बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के दरार, गड्ढे और पैच जैसे सड़क दोषों की स्वतः पहचान कर सकते हैं। एकत्रित डेटा का फिर NHAI के AI-आधारित डेटा लेक पोर्टल से विशेषज्ञ विश्लेषण करते हैं और रखरखाव योजना बनाते हैं।
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