प्रकाशित: 19 सितंबर 2025PIBटॉपिक
सात भारतीय प्राकृतिक धरोहर स्थल UNESCO की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में शामिल हुए
भारत के UNESCO स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने 12 सितंबर 2025 को सात नए प्राकृतिक धरोहर स्थलों को UNESCO की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की घोषणा की। ये सात स्थल हैं: पंचगनी-महाबलेश्वर दक्कन ट्रैप्स (महाराष्ट्र), सेंट मैरी द्वीप समूह (कर्नाटक), मेघालयन युग की गुफाएं (मेघालय), नागा पहाड़ी ओफियोलाइट (नागालैंड), एर्रा मट्टी डिबालू (आंध्र प्रदेश), तिरुमला पहाड़ियों की प्राकृतिक विरासत (आंध्र प्रदेश), और वरकला चट्टान (केरल)।
भारत की UNESCO अस्थायी सूची में कुल स्थलों की संख्या 62 से बढ़कर 69 हो गई, जिनमें 49 सांस्कृतिक, 17 प्राकृतिक और 3 मिश्रित धरोहर स्थल हैं। अस्थायी सूची में शामिल होना विश्व धरोहर सूची में नामांकन की पूर्वशर्त है। ASI ने सभी प्रस्तावों की तैयारी और प्रस्तुति का नेतृत्व किया।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 2025 में भारत द्वारा यूनेस्को की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में जोड़े गए सात नए प्राकृतिक स्थलों के महत्व की समीक्षा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
12 सितंबर 2025 को भारत ने सात प्राकृतिक स्थल जोड़े — दक्कन ट्रैप, सेंट मैरी द्वीप, मेघालय युग गुफाएं, नागा हिल ओफियोलाइट, एर्रा मट्टी डिब्बालू, तिरुमला पहाड़ियां एवं वरकला चट्टानें। इससे अस्थायी सूची 62 से 69 हो गई। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नेतृत्व में हुए ये नामांकन देश की भूवैज्ञानिक विविधता दिखाते हैं।
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जुड़ा प्रश्नआसान
सितंबर 2025 में भारत से यूनेस्को की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में कितने नए प्राकृतिक धरोहर स्थल जोड़े गए?
व्याख्या · सही उत्तर Bसात नए प्राकृतिक धरोहर स्थल जोड़े गए। इनमें पंचगनी और महाबलेश्वर के दक्कन ट्रैप्स (महाराष्ट्र), सेंट मैरीज द्वीप-समूह (कर्नाटक), मेघालयन एज गुफाएँ (मेघालय), नागा हिल ओफियोलाइट (नागालैंड), एर्रा मट्टी डिब्बालू (आंध्र प्रदेश), तिरुमला पहाड़ियों की प्राकृतिक धरोहर (आंध्र प्रदेश) और वर्कला चट्टानें (केरल) शामिल हैं। भारत की कुल अस्थायी सूची 62 से बढ़कर 69 हो गई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत के कौन से सात प्राकृतिक विरासत स्थल UNESCO की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में जोड़े गए?
सात स्थल हैं: पंचगनी-महाबलेश्वर दक्कन ट्रैप्स, सेंट मैरी द्वीप समूह की भूवैज्ञानिक विरासत, मेघालयन युग गुफाएं, नागा हिल ओफियोलाइट, एर्रा मट्टी डिब्बालू की प्राकृतिक विरासत, तिरुमला पहाड़ियों की प्राकृतिक विरासत और वरकला की प्राकृतिक विरासत।
UNESCO की अस्थायी विश्व धरोहर सूची क्या है?
UNESCO की अस्थायी सूची उन संपत्तियों की प्रारंभिक सूची है जिन्हें कोई देश भविष्य में विश्व धरोहर सूची के लिए नामांकित करना चाहता है। विश्व धरोहर नामांकन से पहले इस सूची में शामिल होना आवश्यक है।
इन स्थलों के जुड़ने से भारत की अस्थायी सूची की संख्या कैसे बदली?
इन स्थलों के जुड़ने के बाद भारत की अस्थायी सूची 62 से बढ़कर 69 संपत्तियों की हो गई, जिनमें 49 सांस्कृतिक, 17 प्राकृतिक और 3 मिश्रित धरोहर संपत्तियां हैं।
अस्थायी सूची में शामिल होना क्यों महत्वपूर्ण है?
1972 विश्व धरोहर कन्वेंशन के तहत किसी स्थल को विश्व धरोहर सूची में नामांकित करने से पहले अस्थायी सूची में उसका शामिल होना अनिवार्य पहला चरण है।
प्रस्तावों की तैयारी किस भारतीय संस्था ने की?
संस्कृति मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इन प्रस्तावों की तैयारी और प्रस्तुति में प्रमुख भूमिका निभाई।