14 नवंबर 2025 को जारी इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार भारत की रोजगार-योग्यता दर 2025 के 54.81% से बढ़कर 56.35% हो गई है। यह कौशल को प्राथमिकता देने वाली अर्थव्यवस्था की ओर निर्णायक बदलाव का संकेत है। पाँच वर्षों में पहली बार महिलाओं की रोजगार-योग्यता (54%) पुरुषों (51.5%) से अधिक हुई। ऑनलाइन शिक्षा के विस्तार, हाइब्रिड कार्य मॉडल और डिजिटल कौशल प्रशिक्षण तक बेहतर पहुँच ने इसमें योगदान दिया है। कंप्यूटर विज्ञान के स्नातकों की रोजगार-योग्यता 80% और आईटी इंजीनियरों की 78% है, जो सभी श्रेणियों में सबसे अधिक है। इसमें एआई, डेटा विश्लेषण, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा से जुड़ी भूमिकाओं का योगदान है। दुनिया की एआई प्रतिभा में भारत की हिस्सेदारी 16% है और 2027 तक देश में एआई पेशेवरों की संख्या 12.5 लाख होने का अनुमान है। गिग कार्यबल के 2030 तक 2.35 करोड़ होने की उम्मीद है और गिग क्षेत्र में भर्ती सालाना 38% की दर से बढ़ रही है। रोजगार-योग्य प्रतिभा के मामले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक शीर्ष राज्य हैं। रिपोर्ट बताती है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्किल इंडिया मिशन का कार्यबल के विकास पर सकारात्मक असर पड़ा है।