दिसंबर 2025 में स्वास्थ्य नीति पर हुई चर्चाओं में भारत के अस्पतालों में बेड की उपलब्धता से जुड़े आँकड़ों पर ध्यान दिया गया। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक (IPHS) 2022 का हवाला देते हुए प्रति 1,000 लोगों पर 1 बेड उपलब्ध कराने की सिफारिश बताई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के संकेतक विवरण के अनुसार अस्पतालों में बेड की उपलब्धता के लिए कोई वैश्विक मानक नहीं है। डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात 1:811 है। चिकित्सा शिक्षा में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है—मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 818 हो गई और MBBS सीटें बढ़कर 128,875 हो गईं।

सरकार ने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के सुधारों के ज़रिए स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे का विस्तार किया है। राजस्थान में भी मेडिकल कॉलेजों का नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है।