प्रकाशित: 20 फ़रवरी 2026PIBअर्थव्यवस्था
वाणिज्य मंत्री ने निर्यात संवर्धन मिशन शुरू किया: MSMEs के लिए 7 नई पहल; ₹25,060 करोड़ परिव्यय
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 20 फरवरी 2026 को निर्यात संवर्धन मिशन (EPM) के तहत ₹25,060 करोड़ परिव्यय वाली 7 अतिरिक्त पहलें शुरू कीं — निर्यात प्रोत्साहन ₹10,400 करोड़ और निर्यात दिशा ₹14,660 करोड़।
प्रमुख पहलें: Export Factoring (₹50 लाख तक 2.75% ब्याज सहायता); Direct E-Commerce Credit (₹50 लाख, 90% गारंटी); Overseas Inventory Credit (₹5 करोड़, 75% गारंटी)। इसके साथ 11 में से 10 EPM पहलें चालू हो गईं। मिशन वित्तीय सहायता और व्यापार सुविधा को एकीकृत डिजिटल ढाँचे से जोड़ता है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: चर्चा कीजिए कि हाल ही में शुरू किए गए निर्यात संवर्धन मिशन के हस्तक्षेप भारत के निर्यात एवं व्यापार पारितंत्र में एमएसएमई भागीदारी को कैसे सशक्त करते हैं।
उत्तर (50 शब्द):
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 20-21 फरवरी 2026 को निर्यात संवर्धन मिशन के सात नए हस्तक्षेप ₹25,060 करोड़ परिव्यय से शुरू किए — निर्यात प्रोत्साहन और निर्यात दिशा में विभाजित। निर्यात फैक्टरिंग में 2.75% ब्याज सहायता, ई-कॉमर्स और विदेशी इन्वेंटरी क्रेडिट एमएसएमई वित्त बढ़ाते हैं। ग्यारह में से दस घटक सक्रिय हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फरवरी 2026 में वाणिज्य मंत्री द्वारा शुरू किया गया निर्यात प्रोत्साहन मिशन क्या है?
**वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल** ने **20-21 फरवरी 2026** को **निर्यात प्रोत्साहन मिशन (EPM)** के तहत **सात अतिरिक्त उपाय** शुरू किए। इनके लिए कुल **₹25,060 करोड़** का परिव्यय रखा गया है, जिसमें **₹10,400 करोड़** निर्यात प्रोत्साहन और **₹14,660 करोड़** निर्यात दिशा के लिए हैं।
निर्यात प्रोत्साहन मिशन 2026 के तहत एक्सपोर्ट फैक्टरिंग क्या है?
EPM 2026 के तहत **एक्सपोर्ट फैक्टरिंग** में प्रति MSME **₹50 लाख** की सीमा के साथ **2.75% ब्याज सब्वेंशन** दिया जाता है। इससे छोटे निर्यातकों को निर्यात प्राप्य के आधार पर सस्ती कार्यशील पूंजी पाने में मदद मिलती है।
निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत निर्यात प्रोत्साहन और निर्यात दिशा क्या हैं?
**निर्यात प्रोत्साहन** (₹10,400 करोड़) MSME की **निर्यात प्रोत्साहन** गतिविधियों पर केंद्रित है। **निर्यात दिशा** (₹14,660 करोड़) **व्यापारिक व्यवस्था** — रसद, भंडारण और निर्यात बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देती है।
निर्यात प्रोत्साहन मिशन राजस्थान के MSME को कैसे मदद करता है?
**रत्न एवं आभूषण (जयपुर), वस्त्र (भीलवाड़ा, पाली), हस्तशिल्प (जोधपुर, जैसलमेर)** और **चर्म उत्पाद (रामगंज मंडी)** जैसे क्षेत्रों में राजस्थान के MSME को EPM के उपायों से सीधे लाभ मिलता है।
निर्यात प्रोत्साहन मिशन 2026 के तहत डायरेक्ट ई-कॉमर्स क्रेडिट सुविधा क्या है?
**डायरेक्ट ई-कॉमर्स क्रेडिट सुविधा** MSME को सीमा पार ई-कॉमर्स निर्यात के लिए **₹50 लाख** तक का क्रेडिट देती है। इससे छोटे व्यवसाय जमानत से जुड़ी बाधाओं के बिना Amazon Global, eBay और Flipkart Global जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर बेच सकते हैं।