प्रकाशित: 11 दिसंबर 2025द हिन्दूशासन
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जाति गणना सहित पहली डिजिटल जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये मंजूर किए
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 दिसंबर 2025 को भारत की जनगणना 2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये मंजूर किए, इसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें स्व-गणना, मोबाइल ऐप, भू-स्थानिक मानचित्रण और रियल-टाइम निगरानी शामिल होगी।
2027 जनगणना में स्वतंत्र भारत की पहली राष्ट्रव्यापी जाति गणना भी शामिल होगी। अंतिम जाति जनगणना 1931 में अंग्रेजों द्वारा की गई थी। कोविड-19 महामारी के कारण जनगणना 2021 से विलंबित है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या 121.09 करोड़ थी। डिजिटल जनगणना का उद्देश्य नीति-निर्माण के लिए अधिक सटीक और समय पर सामाजिक-आर्थिक डेटा उपलब्ध कराना है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की पहली डिजिटल जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये मंजूर किए, जिसमें लगभग एक सदी बाद जाति गणना शामिल होगी। साक्ष्य-आधारित नीति नियोजन के लिए डिजिटल जनगणना के महत्व पर चर्चा करें।
उत्तर (50 शब्द):
12 दिसंबर 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये मंजूर किए, जो भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसमें स्व-गणना, मोबाइल ऐप, भू-स्थानिक मानचित्रण और रीयल-टाइम निगरानी शामिल हैं। इसमें स्वतंत्र भारत की पहली राष्ट्रव्यापी जाति गणना होगी; पिछली जाति गणना 1931 में हुई थी।
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