प्रकाशित: 4 मार्च 2026अर्थव्यवस्था
IRDAI ने सभी बीमाकर्ताओं के लिए 1 अप्रैल 2026 से Ind AS लागू करने का प्रस्ताव दिया
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने अधिसूचित किया कि सभी बीमाकर्ता 1 अप्रैल 2026 से भारतीय लेखांकन मानक (Ind AS) अपनाएँगे। इस कदम से भारतीय बीमा कंपनियों की वित्तीय रिपोर्टिंग में वैश्विक तुलनीयता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
Ind AS अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग मानकों (IFRS) से मेल खाते हैं और बैंकिंग तथा विनिर्माण क्षेत्रों में पहले से लागू हैं। बीमाकर्ताओं के लिए यह बदलाव भारत के बीमा क्षेत्र को वैश्विक रिपोर्टिंग मानकों, विशेष रूप से IFRS 17 (बीमा अनुबंध), के अनुरूप लाएगा। इससे ₹12 लाख करोड़ के बीमा उद्योग में विदेशी निवेश आकर्षित करने और पॉलिसीधारकों का विश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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किस अधिनियम के तहत कोकिंग कोल को महत्वपूर्ण खनिज के रूप में अधिसूचित किया गया?
व्याख्या · सही उत्तर Dकोकिंग कोल को खान और खनिज विकास और विनियमन (एमएमडीआर) अधिनियम, 1957 के तहत महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज अधिसूचित किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
IRDAI का Ind AS लागू करने का प्रस्ताव क्या है और यह कब से प्रभावी होगा?
**Insurance Regulatory and Development Authority of India (IRDAI)** ने सभी बीमाकर्ताओं के लिए **1 अप्रैल 2026** से **Indian Accounting Standards (Ind AS)** अपनाने का प्रस्ताव दिया है। Ind AS **International Financial Reporting Standards (IFRS)** के साथ समन्वित है और भारत के **₹12 लाख करोड़** के बीमा उद्योग को वैश्विक रिपोर्टिंग मानकों के अनुरूप बनाएगा।
भारतीय बीमा क्षेत्र के लिए Ind AS और IFRS 17 में क्या संबंध है?
बीमाकर्ताओं के लिए **Ind AS** विशेष रूप से **IFRS 17** यानी बीमा अनुबंधों के लेखांकन के वैश्विक मानक के अनुरूप होगा। IRDAI का प्रस्ताव (**1 अप्रैल 2026** से प्रभावी) भारतीय बीमाकर्ताओं को वैश्विक रिपोर्टिंग ढांचे में लाएगा।
IRDAI 2026 में बीमाकर्ताओं के लिए Ind AS अपनाने का प्रस्ताव क्यों कर रहा है?
IRDAI **Ind AS** अपनाने का प्रस्ताव इसलिए कर रहा है कि **वैश्विक तुलनीयता** और **पारदर्शिता** बढ़े, **विदेशी निवेश** आकर्षित हो, **पॉलिसीधारकों का भरोसा** सुधरे और भारत का **₹12 लाख करोड़** का बीमा उद्योग अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आ सके।
भारतीय बीमा उद्योग का आकार क्या है और Ind AS से इसे कैसे लाभ मिलेगा?
भारत के बीमा उद्योग का मूल्य लगभग **₹12 लाख करोड़** है। **1 अप्रैल 2026** से **Ind AS** (IFRS के अनुरूप) अपनाने से वैश्विक तुलनीयता बढ़ेगी, **विदेशी निवेश** आकर्षित होगा और पॉलिसीधारकों का भरोसा सुधरेगा।
IRDAI के बीमा क्षेत्र संबंधी प्रस्ताव से पहले भारत के किन क्षेत्रों ने Ind AS लागू किया है?
भारत में **बैंकिंग** और **विनिर्माण** क्षेत्रों ने IRDAI के बीमाकर्ताओं के लिए प्रस्ताव (1 अप्रैल 2026 से प्रभावी) से पहले ही **Ind AS** लागू कर दिया था। Ind AS **IFRS** (International Financial Reporting Standards) के साथ समन्वित है।