29 दिसंबर 2025 की समसामयिकी में भारतीय मानक ब्यूरो ने बम निष्क्रियण प्रणालियों के लिए आईएस 19445:2025 अधिसूचित किया, इसलिए यह परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह भारत का पहला समर्पित मानक है जो बम निष्क्रियण प्रणालियों के लिए अलग से बनाया गया है। इसकी पहल गृह मंत्रालय और DRDO की टर्मिनल बैलिस्टिक अनुसंधान प्रयोगशाला ने की। इसी वजह से प्रश्न भारतीय मानक ब्यूरो, सुरक्षा मानकों और सरकारी संस्थाओं के समन्वय पर भी बन सकता है।

इस मानक के दायरे में बम कंबल, बम बास्केट और बम अवरोधक आते हैं। इसका उद्देश्य पूरे देश में बम निष्क्रियण अभियानों के लिए एक जैसे परीक्षण और गुणवत्ता मानदंड स्थापित करना है। इससे परीक्षा के लिए याद रखने वाले तथ्य साफ हो जाते हैं: अधिसूचित करने वाला निकाय भारतीय मानक ब्यूरो है, मानक संख्या आईएस 19445:2025 है, पहल गृह मंत्रालय और DRDO की टर्मिनल बैलिस्टिक अनुसंधान प्रयोगशाला से जुड़ी है, और शामिल उपकरण तीन प्रमुख श्रेणियों में दिए गए हैं। सुरक्षा से जुड़े उपकरणों में मानक इसलिए भी उपयोगी होते हैं क्योंकि वे परीक्षण और गुणवत्ता की साझा कसौटी तय करते हैं।

RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में यह विषय प्रीलिम्स के लिए सीधा तथ्यात्मक प्रश्न बन सकता है। स्टैटिक जीके से इसका जुड़ाव भारतीय मानक ब्यूरो, मानकीकरण की भूमिका, सार्वजनिक सुरक्षा और सरकारी संस्थाओं के समन्वय से है। भारतीय मानक ब्यूरो के महानिदेशक संजय गर्ग हैं, इसलिए संस्था के प्रमुख से जुड़ा एक अलग तथ्य भी याद रखना उपयोगी है। तैयारी में इसे भारतीय मानक ब्यूरो, बम निष्क्रियण उपकरण और सुरक्षा-गुणवत्ता मानकों वाले छोटे लेकिन काम के समसामयिकी नोट के रूप में पढ़ना चाहिए।