प्रकाशित: 1 मार्च 2026Camecoअंतरराष्ट्रीय
प्रधानमंत्री कार्नी की यात्रा के दौरान भारत-कनाडा ने 190 करोड़ डॉलर के यूरेनियम आपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर किए
कनाडाई कंपनी कैमेको कॉर्प ने 2 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की नई दिल्ली यात्रा के दौरान भारत के साथ C$260 करोड़ ($190 करोड़) यूरेनियम आपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर किए। कैमेको 2027 से 2035 तक भारतीय परमाणु रिएक्टरों को 2.2 करोड़ पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति करेगी।
PM मोदी और PM कार्नी ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के लिए बातचीत शुरू की, जिसका लक्ष्य 2030 तक $5,000 करोड़ द्विपक्षीय व्यापार है (2024-25 में $900 करोड़ से)। यह यात्रा 2023 में खालिस्तान कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़े संकट के बाद राजनयिक संबंधों की बहाली का प्रतीक थी। दोनों देशों ने LNG, महत्वपूर्ण खनिज, सौर और हाइड्रोजन ऊर्जा पर सहयोग पर भी सहमति जताई।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: प्रधानमंत्री कार्नी की मार्च 2026 यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित 190 करोड़ डॉलर के भारत-कनाडा यूरेनियम समझौते के रणनीतिक एवं आर्थिक महत्व का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
2 मार्च 2026 को कामेको ने 260 करोड़ कैनेडियन डॉलर (190 करोड़ अमेरिकी डॉलर) के समझौते पर 2027-2035 तक भारतीय रिएक्टरों को 2.2 करोड़ पाउंड यूरेनियम आपूर्ति तय की। प्रधानमंत्री मोदी व कार्नी ने 2030 तक 5,000 करोड़ डॉलर व्यापार के लिए सीईपीए वार्ता शुरू की; निज्जर संकट के बाद संबंध बहाल।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में असम में खोजी गई नई अंधी मछली प्रजाति गिचक नकाना क्या है?
**गिचक नकाना** **असम के गोलपारा जिले** में खोजी गई एक नई अंधी भूजल मछली है। यह **पूर्वोत्तर भारत की पहली भूजल मछली** है, लगभग **2 सेमी** लंबी है, पूरी तरह अंधी और रंजकता रहित है।
गिचक नकाना मछली कहां खोजी गई और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
**गिचक नकाना** **असम के गोलपारा जिले** में खोजी गई। यह **पूर्वोत्तर भारत की पहली भूजल मछली** है, और इस खोज पर लेख मार्च 2026 में एक समीक्षित शोध-पत्रिका में प्रकाशित हुआ।
असम के गोलपारा जिले की गिचक नकाना मछली में कौन से भूमिगत अनुकूलन हैं?
**गिचक नकाना** में **पूरी तरह दृष्टिहीन होना, रंजकता की कमी और खोपड़ी की छत का न होना** जैसे विशिष्ट भूमिगत अनुकूलन हैं। यह लगभग **2 सेमी** लंबी और पारभासी लाल है।
गिचक नकाना मछली पर्यावरणीय खतरों के प्रति इतनी संवेदनशील क्यों है?
**गिचक नकाना** भूजल में अलग-थलग रहती है, इसलिए यह **भूजल प्रदूषण और अत्यधिक दोहन** के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। इससे गोलपारा में **जलभृत संरक्षण** की आवश्यकता रेखांकित होती है।
गिचक नकाना की खोज किस पत्रिका में और कब प्रकाशित हुई?
**गिचक नकाना** की खोज पर लेख **मार्च 2026 की शुरुआत** में एक **समीक्षित शोध-पत्रिका** में प्रकाशित हुआ। यह असम के **गोलपारा जिले** में मिली पूर्वोत्तर भारत की पहली भूजल मछली है।