6 अक्टूबर 2025 को 71 वर्षीय अधिवक्ता राकेश किशोर ने सुप्रीम कोर्ट की खुली अदालत में भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर जूता फेंकने का प्रयास किया। वकील खजुराहो UNESCO विरासत स्थल पर भगवान विष्णु की मूर्ति की बहाली से जुड़ी PIL खारिज करने के दौरान CJI की टिप्पणी से नाराज था।
सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर किशोर को काबू किया, जिसने 'सनातन का अपमान नहीं सहेंगे' का नारा लगाया। CJI गवई ने कोई कार्रवाई करने से इनकार करते हुए कहा कि वे 'घटना को अपने-आप खत्म होने देंगे।' सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने बाद में गंभीर दुराचार के आधार पर किशोर की सदस्यता समाप्त कर दी।
