19 नवंबर 2025 को कोयंबटूर के दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने PM-किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 21वीं किस्त जारी की — देशभर के किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹18,000 करोड़ स्थानांतरित किए गए। 2019 में शुरू हुई PM-KISAN योजना, अपवर्जन शर्तों के अधीन सभी पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 (₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में) सीधे देती है। PM-KISAN के तहत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) ₹4 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। पीएम ने प्राकृतिक खेती को भारतीय कृषि के सतत भविष्य के रूप में रेखांकित किया — रासायनिक आदानों पर निर्भरता कम करना, खेती की लागत घटाना और मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की सेहत सुधारना। 2023 में शुरू राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) के तहत 1 करोड़ हेक्टेयर को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाने का लक्ष्य है। राजस्थान PM-KISAN वितरण और प्राकृतिक खेती प्रोत्साहन, दोनों के लिए एक प्रमुख राज्य है।
PM-KISAN: 21वीं किस्त जारी — छोटे किसानों को अब तक कुल ₹4 लाख करोड़ का हस्तांतरण; प्राकृतिक खेती — भारतीय कृषि का भविष्य
19 नवंबर 2025 को कोयंबटूर के दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने PM-किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 21वीं किस्त जारी की — देशभर के किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹18,000 करोड़ स्थानांतरित किए गए। 2019 में शुरू हुई PM-KISAN योजना के तहत, योजना की अपवर्जन शर्तों के अधीन सभी पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 (₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में) सीधे मिलते हैं। PM-KISAN के तहत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) ₹4 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। पीएम ने प्राकृतिक खेती को भारतीय कृषि के सतत भविष्य के रूप में रेखांकित किया — रासायनिक आदानों पर निर्भरता कम करना, खेती की लागत घटाना, मिट्टी के सूक्ष्मजीव स्वास्थ्य में सुधार। 2023 में शुरू राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) के तहत 1 करोड़ हेक्टेयर को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाने का लक्ष्य है। राजस्थान में PM-KISAN वितरण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, दोनों पर विशेष जोर है।
मुख्य तथ्य
- PM मोदी ने 19 नवंबर 2025 को PM-KISAN की 21वीं किस्त ₹18,000 करोड़ जारी की।
- PM-KISAN के तहत संचयी DBT ₹4 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।
- योजना 2 हेक्टेयर तक भूमि वाले किसानों को प्रति वर्ष ₹6,000 प्रदान करती है।
- PM ने प्राकृतिक खेती को भारतीय कृषि के टिकाऊ भविष्य का आधार बताया।
- 2023 में शुरू हुए NMNF के तहत 1 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाने का लक्ष्य है।
- राजस्थान PM-KISAN और प्राकृतिक खेती, दोनों के लिए प्रमुख प्राथमिकता वाला राज्य है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: कृषक आय सहायता के साधन के रूप में पीएम-किसान का मूल्यांकन कीजिए तथा इक्कीसवीं किस्त जारी होने के संदर्भ में भारतीय कृषि के दीर्घकालिक टिकाऊपन में प्राकृतिक खेती की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
19 नवंबर 2025 को कोयंबटूर दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम-किसान की इक्कीसवीं किस्त जारी की — किसानों के खातों में 18,000 करोड़ रुपये, जिससे संचयी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण चार लाख करोड़ रुपये तक पहुँचा। भारत ने 2023 के राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत एक करोड़ हेक्टेयर लक्ष्य रखा है।
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कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM-KISAN की कौन-सी किस्त जारी की?
19 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 को संबोधित किया और 9 करोड़ किसानों के लिए लगभग ₹18,000 करोड़ की PM-KISAN की 21वीं किस्त जारी की।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PM-KISAN की 21वीं किस्त क्या थी, इसे कब जारी किया गया, और योजना के तहत कुल कितना हस्तांतरण हुआ है?
PM मोदी ने 19 नवंबर 2025 को PM-KISAN की 21वीं किस्त के रूप में ₹18,000 करोड़ जारी किए। PM-KISAN के तहत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) की संचयी राशि ₹4 लाख करोड़ तक पहुंच गई है।
PM-KISAN योजना से कितना वित्तीय लाभ मिलता है और इसके लिए कौन पात्र है?
PM-KISAN योजना के तहत 2 हेक्टेयर तक भूमि वाले सभी छोटे और सीमांत किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 (₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में) सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाते हैं।
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) क्या है और इसका लक्ष्य क्या है?
NMNF 2023 में शुरू किया गया था, जिसका लक्ष्य देशभर में 1 करोड़ हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाना और टिकाऊ, रासायन-मुक्त कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।
PM-KISAN की 21वीं किस्त कहाँ जारी की गई और इस कार्यक्रम में कृषि से जुड़े किस व्यापक विषय पर जोर दिया गया?
21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को कोयंबटूर में आयोजित दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन के दौरान जारी की गई। PM मोदी ने प्राकृतिक खेती को भारतीय कृषि के सतत भविष्य के रूप में रेखांकित किया।
PM-KISAN और प्राकृतिक खेती के संदर्भ में राजस्थान का क्या महत्त्व है?
राजस्थान अपनी बड़ी कृषि जनसंख्या और प्राकृतिक खेती के लिए उपयुक्त भूमि के कारण PM-KISAN क्रियान्वयन और प्राकृतिक खेती प्रोत्साहन, दोनों के लिहाज से एक प्रमुख राज्य है।
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