मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लगातार बैठकें कर निवेश प्रक्रिया के सरलीकरण की निगरानी और समीक्षा की। इस दौरान राजस्थान ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ।

राज्य ने एकल-खिड़की मंजूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया, मंजूरियों को डिजिटल बनाया और उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम किया। तेज़ मंजूरी के लिए निवेश संवर्धन ब्यूरो (BIP) का पुनर्गठन किया गया। राइजिंग राजस्थान सम्मेलन में ₹35 लाख करोड़ से अधिक की निवेश प्रतिबद्धताएँ आईं। प्रमुख क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवाएँ तथा खनिज प्रसंस्करण शामिल हैं।