12 सितंबर 2023 को शुरू हुई प्रक्रिया के बाद सितंबर 2024 में स्थापित ब्रिटेन-भारत अवसंरचना वित्तपोषण सेतु (UKIIFB) ने अपना पहला वर्ष पूरा किया। नीति आयोग और सिटी ऑफ लंदन कॉर्पोरेशन की इस साझेदारी का उद्देश्य भारत में टिकाऊ अवसंरचना के लिए निजी पूँजी जुटाना है।

UKIIFB ने हरित बॉन्ड, जलवायु वित्त और शहरी अवसंरचना के वित्तपोषण पर संवाद को आगे बढ़ाया है। इसका उद्देश्य भारत की ₹111 लाख करोड़ की अवसंरचना पाइपलाइन में ब्रिटेन के संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करना है। यह पहल राजस्थान की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से बाड़मेर और जैसलमेर के उन सौर पार्कों के लिए जिन्हें अंतरराष्ट्रीय हरित वित्त की आवश्यकता है।