राजीव वर्मा को 1 अक्टूबर 2025 से दिल्ली का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। वे एजीएमयूटी कैडर के 1992 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इस नियुक्ति में दो बातें परीक्षा की दृष्टि से सीधे याद रखने योग्य हैं: पहला, राजीव वर्मा ने धर्मेंद्र का स्थान लिया, जो 30 सितंबर 2025 को सेवानिवृत्त हुए; दूसरा, वे इससे पहले चंडीगढ़ के मुख्य सचिव थे और वहां से दिल्ली में स्थानांतरित किए गए। दिल्ली सरकार में वे पहले वित्त एवं राजस्व सचिव जैसे पदों पर भी काम कर चुके हैं, इसलिए यह सिर्फ किसी अफसर की नियुक्ति की खबर नहीं है, बल्कि प्रशासनिक अनुभव और कैडर-आधारित शासन से जुड़ा तथ्य भी है।
प्रारंभिक परीक्षा में ऐसे अपडेट अक्सर नियुक्ति, पद, कैडर, प्रभावी तारीख और पूर्ववर्ती अधिकारी के रूप में पूछे जाते हैं। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में इसे भारतीय संविधान एवं शासन, प्रशासनिक ढांचे और राष्ट्रीय समसामयिकी से जोड़कर पढ़ना उपयोगी है। 30 सितंबर 2025 को धर्मेंद्र की सेवानिवृत्ति और 1 अक्टूबर 2025 से राजीव वर्मा की नियुक्ति को अलग-अलग तारीखों के रूप में याद रखें। दिल्ली के मुख्य सचिव की नियुक्ति को दिल्ली सरकार में उनके पुराने अनुभव और चंडीगढ़ से दिल्ली में स्थानांतरण के साथ पढ़ने पर तथ्य बेहतर याद रहता है।
स्टैटिक जीके से जोड़ते समय एजीएमयूटी कैडर, दिल्ली प्रशासन और वरिष्ठ सिविल सेवा अधिकारियों की भूमिका पर ध्यान रखें। ये बातें साथ-साथ याद रखें: नाम, बैच, कैडर, पूर्व पद, नया पद और तारीखें; राजीव वर्मा, 1992 बैच, एजीएमयूटी कैडर, चंडीगढ़ के मुख्य सचिव से दिल्ली के मुख्य सचिव, 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी, और धर्मेंद्र का स्थान। इसी क्रम में प्रभावी तारीख और सेवानिवृत्ति की तारीख को अलग-अलग याद रखना जरूरी है, क्योंकि दोनों तारीखें अलग हैं।
