प्रकाशित: 21 दिसंबर 2025शासन
राष्ट्रपति ने विकसित भारत ग्राम अधिनियम 2025 को मंजूरी दी, जो मनरेगा की जगह लेगा
भारत के राष्ट्रपति ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 को मंजूरी दी, जिसे आमतौर पर ग्राम अधिनियम कहा जाता है। यह कानून महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा) का स्थान लेता है और ग्रामीण रोजगार को आजीविका सुरक्षा, संपत्ति निर्माण और जलवायु लचीलेपन से जोड़ने वाली समेकित व्यवस्था के रूप में पेश करता है।
नया ढांचा पारंपरिक मांग-संचालित मजदूरी रोजगार के साथ कौशल-आधारित रोजगार घटकों की शुरुआत करता है। इसमें अन्य ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के साथ अभिसरण की व्यवस्था शामिल की गई है और निर्मित सभी संपत्तियों की जियो-टैगिंग अनिवार्य की गई है। अधिनियम दैनिक मजदूरी सीमा भी बढ़ाता है।
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6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
विकसित भारत ग्राम अधिनियम 2025, जिसने मनरेगा का स्थान लिया है, निम्नलिखित में से कौन-सी नई विशेषता प्रस्तुत करता है?
व्याख्या · सही उत्तर Aविकसित भारत-G RAM G अधिनियम, 2025 मनरेगा की जगह आधुनिक वैधानिक ढाँचा लाता है। यह रोजगार गारंटी को कम-से-कम 125 दिनों तक बढ़ाता है और मजदूरी रोजगार को टिकाऊ सार्वजनिक परिसंपत्तियों से जोड़ता है, जिनमें जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण आधारभूत ढाँचा, आजीविका-संबंधी आधारभूत ढाँचा और चरम मौसम से निपटने वाले कार्य शामिल हैं। यह मांग-आधारित गारंटी को समाप्त नहीं करता और जियो-टैगिंग जैसी तकनीक-आधारित पारदर्शिता व्यवस्था भी हटाता नहीं है।