प्रकाशित: 22 दिसंबर 2025शासन
राष्ट्रपति ने विकसित भारत ग्राम अधिनियम 2025 को मंजूरी दी, जो मनरेगा की जगह लेगा
भारत के राष्ट्रपति ने विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 को मंज़ूरी दी। इसे आम तौर पर ग्राम अधिनियम कहा जाता है। यह कानून महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा) की जगह लेता है और ग्रामीण रोज़गार को आजीविका सुरक्षा, संपत्ति निर्माण तथा जलवायु जोखिमों से निपटने की क्षमता बढ़ाने के समेकित साधन के रूप में स्थापित करता है।
नई व्यवस्था में पारंपरिक मांग-आधारित मज़दूरी रोज़गार के साथ कौशल-आधारित रोज़गार के प्रावधान भी जोड़े गए हैं। इसमें अन्य ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के साथ अभिसरण की व्यवस्था है और इसके तहत बनाई गई हर संपत्ति की जियो-टैगिंग अनिवार्य है। अधिनियम दैनिक मज़दूरी की अधिकतम सीमा भी बढ़ाता है और मज़दूरी दरों में संशोधन के लिए तिमाही समीक्षा की व्यवस्था करता है।
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विकसित भारत ग्राम अधिनियम 2025, जिसने मनरेगा का स्थान लिया है, निम्नलिखित में से कौन-सी नई विशेषता प्रस्तुत करता है?
व्याख्या · सही उत्तर Aविकसित भारत-G RAM G अधिनियम, 2025 मनरेगा की जगह आधुनिक वैधानिक ढाँचा लाता है। यह रोजगार गारंटी को कम-से-कम 125 दिनों तक बढ़ाता है और मजदूरी रोजगार को टिकाऊ सार्वजनिक परिसंपत्तियों से जोड़ता है, जिनमें जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण आधारभूत ढाँचा, आजीविका-संबंधी आधारभूत ढाँचा और चरम मौसम से निपटने वाले कार्य शामिल हैं। यह मांग-आधारित गारंटी को समाप्त नहीं करता और जियो-टैगिंग जैसी तकनीक-आधारित पारदर्शिता व्यवस्था भी हटाता नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विकसित भारत ग्राम अधिनियम 2025 क्या है और इसे क्यों लाया गया?
भारत के राष्ट्रपति ने विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 को मंज़ूरी दी। इसे आम तौर पर ग्राम अधिनियम कहा जाता है। यह ग्रामीण रोज़गार को आजीविका सुरक्षा, संपत्ति निर्माण और जलवायु जोखिमों से निपटने की क्षमता बढ़ाने के समेकित साधन के रूप में स्थापित करता है।
विकसित भारत ग्राम अधिनियम 2025 के मुख्य प्रावधान क्या हैं?
अधिनियम पारंपरिक मांग-आधारित मज़दूरी रोज़गार के साथ कौशल-आधारित रोज़गार को जोड़ता है, इसके तहत बनाई गई हर संपत्ति की जियो-टैगिंग अनिवार्य करता है, अन्य ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के साथ अभिसरण को बढ़ावा देता है, दैनिक मज़दूरी की अधिकतम सीमा बढ़ाता है और मज़दूरी दरों में संशोधन के लिए तिमाही समीक्षा की व्यवस्था करता है।
विकसित भारत ग्राम अधिनियम 2025 ने किस पुराने कानून की जगह ली?
विकसित भारत ग्राम अधिनियम 2025 ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा) की जगह ली।
विकसित भारत ग्राम अधिनियम 2025 के क्रियान्वयन के लिए कौन-सा मंत्रालय ज़िम्मेदार है?
इसके क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी संबंधित मंत्रालय की है। अधिनियम में इसके तहत बनाई गई हर संपत्ति की जियो-टैगिंग और अन्य ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के साथ अभिसरण की व्यवस्था है।
विकसित भारत ग्राम अधिनियम 2025 का भारत के विकास लक्ष्यों पर अपेक्षित प्रभाव क्या है?
यह दैनिक मज़दूरी की अधिकतम सीमा बढ़ाता है और मज़दूरी दरों में संशोधन के लिए तिमाही समीक्षा की व्यवस्था करता है।