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MCQ

राजस्थान के राज्य आयोग, निकाय और जिला प्रशासन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान के राज्य आयोग, निकाय और जिला प्रशासन के 19 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1राजस्थान की शासन-व्यवस्था पर दिए गए किस समूह में केवल संवैधानिक निकाय हैं?

A राज्य सूचना आयोग, लोकायुक्त और राज्य महिला आयोग
B राज्य मानवाधिकार आयोग, विधिक सेवा प्राधिकरण और लोकायुक्त
C राजस्थान लोक सेवा आयोग, राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य वित्त आयोग
D राजस्थान लोक सेवा आयोग, राज्य सूचना आयोग और लोकायुक्त
व्याख्या

निकाय को उसके आधार से पहचानने पर जोर है। राजस्थान लोक सेवा आयोग अनुच्छेद 315 से 323 से जुड़ता है। राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत और नगरपालिका चुनावों के संवैधानिक प्रावधानों से जुड़ा है, और राज्य वित्त आयोग स्थानीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों से आता है। इसके विपरीत राज्य सूचना आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, लोकायुक्त, राज्य महिला आयोग और विधिक सेवा प्राधिकरण वैधानिक निकाय बताए गए हैं। इसलिए राजस्थान लोक सेवा आयोग, राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य वित्त आयोग वाला समूह ही पूरा संवैधानिक समूह है।

प्र.2सूची I को सूची II से मिलाइए। सूची I: 1. राजस्थान लोक सेवा आयोग 2. राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग 3. राजस्थान राज्य वित्त आयोग 4. राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग सूची II: क. भर्ती और सेवा-संबंधी परामर्श ख. पंचायत और नगर निकायों के चुनाव ग. स्थानीय निकायों के लिए कर, शुल्क और अनुदान के बंटवारे से जुड़ी सिफारिश घ. लोक प्राधिकारियों से जुड़े मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायतें सही कूट चुनिए।

A 1-क, 2-ख, 3-ग, 4-घ
B 1-ख, 2-क, 3-ग, 4-घ
C 1-क, 2-ग, 3-ख, 4-घ
D 1-घ, 2-ख, 3-ग, 4-क
व्याख्या

हर संस्था को उसके आधार और काम से जोड़कर पढ़ने को कहा गया है। RPSC राज्य सेवाओं की भर्ती और परामर्श से जुड़ी संवैधानिक संस्था है। राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत और नगर निकाय चुनाव कराता है। राज्य वित्त आयोग राज्य और स्थानीय निकायों के बीच कर, शुल्क और अनुदान के बंटवारे के सिद्धांतों पर सिफारिश देता है। राज्य मानवाधिकार आयोग लोक सेवकों से जुड़े मानवाधिकार उल्लंघन या लापरवाही की शिकायतें देखकर सुधारात्मक सिफारिश करता है। इसलिए क्रम 1-क, 2-ख, 3-ग और 4-घ बनता है।

प्र.3जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट पर दिए गए कौन-सा कथन गलत है?

A कलेक्टर जिला न्यायाधीश बन जाता है, क्योंकि वही अधिकारी जिला मजिस्ट्रेट के रूप में भी काम करता है।
B राजस्व कार्य में कलेक्टर भूमि अभिलेख और नामांतरण से जुड़ी प्रक्रियाओं की निगरानी करता है।
C जिला मजिस्ट्रेट के रूप में अधिकारी के पास कार्यपालक मजिस्ट्रेसी और लोक-व्यवस्था की जिम्मेदारियां होती हैं।
D कलेक्टर चुनाव, आपदा और विकास समीक्षा के दौरान समन्वय करता है।
व्याख्या

समन्वय और न्यायिक शक्ति को अलग रखा गया है। कलेक्टर भूमि अभिलेख, नामांतरण, राजस्व वसूली और राहत आकलन जैसे राजस्व कार्यों की निगरानी करता है। वही अधिकारी अक्सर जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यपालक मजिस्ट्रेसी और लोक-व्यवस्था की जिम्मेदारियां भी निभाता है। लेकिन इससे कलेक्टर जिला न्यायाधीश नहीं बन जाता, और जिला न्यायपालिका अलग धारा रहती है। इसलिए जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका के कारण कलेक्टर के जिला न्यायाधीश बन जाने वाला कथन गलत है।

प्र.4सूची I में राजस्थान की संस्थाएँ या कानून दिए हैं और सूची II में उनका कानूनी आधार या भूमिका दी है। सूची I: 1. राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग 2. राजस्थान लोकायुक्त 3. राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 4. राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम सूची II: क. मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 ख. राजस्थान लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 ग. नामित अधिकारी, अपील और विलंब-दंड के साथ समयबद्ध अधिसूचित सेवाएँ घ. लोक प्राधिकारियों के सामने शिकायतों के लिए नागरिक-सुनवाई ढांचा सही मिलान कौन-सा है?

A 1-क, 2-ख, 3-ग, 4-घ
B 1-ख, 2-क, 3-ग, 4-घ
C 1-क, 2-ख, 3-घ, 4-ग
D 1-ग, 2-घ, 3-क, 4-ख
व्याख्या

वैधानिक अधिकार-निकायों और सेवा-जवाबदेही कानूनों को अलग रखा जाता है। राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग 18 जनवरी 1999 को मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत बना। राजस्थान लोकायुक्त का आधार राजस्थान लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 है। राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2011 अधिसूचित सेवाओं के लिए समयसीमा, नामित अधिकारी, अपील और विलंब-दंड देता है। राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम, 2012 लोक प्राधिकारियों के सामने नागरिक-सुनवाई ढांचा जोड़ता है। इसलिए 1993 अधिनियम, 1973 अधिनियम, समयबद्ध सेवा और नागरिक-सुनवाई वाला सीधा मिलान सही है।

प्र.5कथन (A): राजस्थान में पंचायत और नगरपालिका चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है। कारण (R): लोकसभा, राज्यसभा और राजस्थान विधानसभा चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।

A A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है
B A सही है, लेकिन R गलत है
C A गलत है, लेकिन R सही है
D A और R दोनों गलत हैं
व्याख्या

मुख्य भ्रम राज्य निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग के बीच बताया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ा है, यानी पंचायत और नगरपालिका चुनाव। लोकसभा, राज्यसभा और राजस्थान विधानसभा चुनाव इसके अधीन नहीं आते; वे भारत निर्वाचन आयोग के अधीन आते हैं। इसलिए पंचायत और नगरपालिका चुनाव वाला कथन सही है, लेकिन कारण गलत है क्योंकि उसमें राज्य निर्वाचन आयोग को उसके क्षेत्र से बाहर के चुनावों की जिम्मेदारी दे दी गई है।

आपने 19 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6अभिकथन (A): राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2011 अधिसूचित नागरिक सेवाओं को समयसीमा, अपील प्राधिकारी और देरी पर दंड से जोड़ता है। कारण (R): प्रमाणपत्र, लाइसेंस, प्रति, पेंशन-संबंधी प्रविष्टि या स्थानीय स्वीकृति सामान्य फाइल-चालन से आगे बढ़ जाती है, जब वह समयसीमा और अपील मार्ग वाली अधिसूचित सेवा हो। सही उत्तर चुनिए।

AA और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की व्याख्या नहीं करता
BA और R दोनों सही हैं, और R, A की व्याख्या करता है
CA सही है, लेकिन R गलत है
DA गलत है, लेकिन R सही है

7राजस्थान में सार्वजनिक सूचना तक पहुंच से जुड़ी द्वितीय अपीलों और शिकायतों पर निर्णय देने के लिए 18 अप्रैल 2006 को कौन-सी संस्था गठित हुई?

Aराजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग
Bराजस्थान सूचना आयोग
Cराजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग
Dराजस्थान लोकायुक्त

8कौन-सी स्थिति राज्य सूचना आयोग के काम से सबसे सही मेल खाती है?

Aएक नागरिक सूचना के अधिकार के तहत सूचना में देरी होने पर दूसरी अपील करता है।
Bएक गांव आयोग से नई सड़क की स्वीकृति मांगता है।
Cएक आवेदक आयोग से ऐसा अभिलेख बनवाना चाहता है जो मौजूद ही नहीं है।
Dएक अभ्यर्थी आयोग से राज्य सेवा की भर्ती परीक्षा कराने की मांग करता है।

9कौन-सा निकाय अपने संवैधानिक आधार और काम से सही ढंग से मिलाया गया है?

Aराज्य वित्त आयोग: अनुच्छेद 280: राजस्थान बजट तैयार करता है
Bराजस्थान लोक सेवा आयोग: अनुच्छेद 315 से 323: भर्ती और सेवा-संबंधी परामर्श
Cराज्य निर्वाचन आयोग: अनुच्छेद 320: राज्य सेवाओं में भर्ती
Dराजस्थान लोकायुक्त: अनुच्छेद 243ट: पंचायत चुनाव कराता है

10बताई गई सूचना का अधिकार व्यवस्था के अनुसार राज्य सूचना आयोग किस काम से जुड़ा है?

Aस्थानीय निकायों के लिए राजस्थान बजट तैयार करना
Bराजस्थान राज्य सेवाओं की परीक्षाएं कराना
Cऐसे सरकारी अभिलेख बनाना जो पहले से मौजूद नहीं हैं
Dसूचना न देने या देरी करने पर दूसरी अपील और शिकायत सुनना

11राजस्व क्षेत्रीय शृंखला का सही ऊपर-से-नीचे क्रम कौन-सा है?

Aउपखंड मजिस्ट्रेट, जिला कलेक्टर, अतिरिक्त कलेक्टर, तहसीलदार, पटवारी
Bजिला कलेक्टर, तहसीलदार, अतिरिक्त कलेक्टर, उपखंड मजिस्ट्रेट, नायब तहसीलदार, पटवारी
Cजिला कलेक्टर, अतिरिक्त कलेक्टर, उपखंड मजिस्ट्रेट या उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी
Dजिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, उपखंड मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी

12सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए और सही कूट चुनिए। सूची 1: 1. जिला कलेक्टर 2. जिला मजिस्ट्रेट 3. पुलिस अधीक्षक 4. जिला न्यायाधीश सूची 2: क. कानून-व्यवस्था और कार्यपालक मजिस्ट्रेसी से जुड़ा अधिकार ख. राजस्व और जिला समन्वय का मुख्य केंद्र ग. पुलिस जांच की धारा घ. जिला न्यायपालिका की धारा

A1-क, 2-ख, 3-ग, 4-घ
B1-ख, 2-क, 3-घ, 4-ग
C1-ग, 2-क, 3-ख, 4-घ
D1-ख, 2-क, 3-ग, 4-घ

13कथन 1: राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग संसद और राज्य विधानसभा के चुनाव कराता है। कथन 2: अनुच्छेद 243ट पंचायत चुनावों से और अनुच्छेद 243यक नगर निकाय चुनावों से जुड़ा है। कथन 3: राज्य वित्त आयोग राज्य और स्थानीय निकायों के बीच कर, शुल्क, टोल, फीस और अनुदान के बंटवारे के सिद्धांत सुझाता है। कौन-से कथन सही हैं?

Aकेवल कथन 1
Bकेवल कथन 1 और 2
Cकेवल कथन 2 और 3
Dकथन 1, 2 और 3

14उप-जिला प्रशासन के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: तहसील का काम मुख्य रूप से राजस्व-केंद्रित होता है। कथन 2: खंड प्रशासन मुख्य रूप से विकास-केंद्रित होता है। कथन 3: पटवारी राज्य मुख्यालय का अधिकारी है, जो मंत्रिमंडलीय नीति बनाता है। कौन-से कथन सही हैं?

Aकेवल 1
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 2
D1, 2 और 3

15राजस्थान लोक सेवा आयोग की सही पहचान कौन-सी है?

A1999 में जयपुर में बना वैधानिक शिकायत निकाय
B22 दिसंबर 1949 को गठित, अजमेर स्थित संवैधानिक भर्ती निकाय
Cजुलाई 1994 में अनुच्छेद 243ट और 243यक के तहत गठित स्थानीय चुनाव प्राधिकरण
Dपंचायतों और नगर निकायों के वित्त की हर पाँच वर्ष समीक्षा करने वाला वित्तीय बंटवारा निकाय

राजस्थान राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था में और विषय

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