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राजस्थान में पंचायती राज एवं नगरीय स्थानीय स्वशासन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान में पंचायती राज एवं नगरीय स्थानीय स्वशासन के 20 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1अभिकथन (A): राजस्थान के किसी अधिसूचित शहरी क्षेत्र में मार्ग प्रकाश की समस्या को पंचायती राज नहीं, बल्कि नगरीय स्वशासन के अंतर्गत पढ़ना चाहिए। कारण (R): नगर निकाय अधिसूचित शहरी क्षेत्रों का शासन देखते हैं, जबकि पंचायतें नगरपालिका क्षेत्राधिकार से बाहर के ग्रामीण क्षेत्रों में काम करती हैं। सही उत्तर चुनिए।

A A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
B A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
C A सही है, लेकिन R गलत है।
D A गलत है, लेकिन R सही है।
व्याख्या

ग्रामीण और शहरी पक्ष को लगातार अलग रखा जाता है। नगर निकाय अधिसूचित शहरी क्षेत्रों में मार्ग प्रकाश, नालियाँ, स्वच्छता, सड़क मरम्मत और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे कामों से जुड़े होते हैं। पंचायतें नगरपालिका क्षेत्राधिकार से बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के ढाँचे से काम करती हैं। इसलिए अधिसूचित शहरी क्षेत्र की मार्ग प्रकाश समस्या नगरीय स्वशासन में आएगी। नगर निकाय और पंचायतों के क्षेत्राधिकार वाला कथन केवल सही नहीं है; वही बताता है कि यह मुद्दा पंचायती राज के बजाय शहरी ढाँचे में क्यों रखा जाएगा।

प्र.2अभिकथन: अनुच्छेद 243आई और 243वाई स्थानीय निकायों के वित्त के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। कारण: ये अनुच्छेद पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा तथा हस्तांतरण के सिद्धांतों की सिफारिश के लिए राज्य वित्त आयोग की व्यवस्था करते हैं। सही उत्तर चुनिए।

A अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है
B अभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है
C अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या है
D अभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है
व्याख्या

स्थानीय स्वशासन के तीन सहायक आधारों में वित्त को भी रखा जाता है, चुनाव और योजना के साथ। अनुच्छेद 243आई पंचायतों से और अनुच्छेद 243वाई नगरपालिकाओं से जुड़ा है। इनके तहत राज्य वित्त आयोग स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है और करों, शुल्कों, पथकरों, फीस तथा अनुदानों के वितरण के सिद्धांत सुझाता है। इसी कारण ये अनुच्छेद स्थानीय निकायों के वित्त के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।

प्र.3राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था का औपचारिक आरंभ किस स्थान और किस तारीख को हुआ था?

A जयपुर, 24 अप्रैल 1993
B नागौर, 2 अक्टूबर 1959
C उदयपुर, 1 जून 1993
D बांसवाड़ा, जुलाई 1994
व्याख्या

राजस्थान की विशेष ऐतिहासिक भूमिका इसलिए बताई गई है कि 2 अक्टूबर 1959 को नागौर से पंचायती राज व्यवस्था का औपचारिक आरंभ हुआ। यह घटना 73वें संविधान संशोधन से बहुत पहले की है, जिसने 24 अप्रैल 1993 से पंचायतों को संवैधानिक आधार दिया। इसलिए नागौर और 2 अक्टूबर 1959 आरंभ का संकेत है, जबकि 1993 की तारीखें बाद के संवैधानिक बदलावों से जुड़ी हैं।

प्र.4सूची 1 में स्थानीय शासन से जुड़ी चीजें और सूची 2 में उनके सही विवरण दिए गए हैं। सही मिलान चुनिए। सूची 1: 1. 11वीं अनुसूची 2. 12वीं अनुसूची 3. राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 सूची 2: क. राजस्थान के शहरी स्थानीय निकायों का मुख्य राज्य-कानूनी आधार ख. पंचायतों से जुड़े ग्रामीण विषय ग. नगर निकायों से जुड़े शहरी कार्य

A 1-क, 2-ख, 3-ग
B 1-ग, 2-क, 3-ख
C 1-ख, 2-ग, 3-क
D 1-ख, 2-क, 3-ग
व्याख्या

यहाँ संकेत ग्रामीण और शहरी ढाँचे के फर्क में है। 11वीं अनुसूची पंचायतों से जुड़ी है और इसमें वे 29 ग्रामीण विषय आते हैं जिन्हें राज्य-कानून और योजनाओं के जरिए पंचायतों से जोड़ा जा सकता है। 12वीं अनुसूची शहरी पक्ष की सूची है और उसमें शहरी नियोजन, सड़क, जलापूर्ति, स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे नगर कार्य आते हैं। राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 कोई संवैधानिक अनुसूची नहीं, बल्कि राजस्थान के शहरी स्थानीय निकायों का मुख्य राज्य-कानून है। इसलिए सही मिलान 11वीं अनुसूची-ग्रामीण विषय, 12वीं अनुसूची-शहरी कार्य और 2009 अधिनियम-राज्य नगर कानून है।

प्र.5राजस्थान के ग्रामीण स्थानीय स्वशासन में ग्राम सभा और ग्राम पंचायत के बीच सही फर्क कौन-सा है?

A ग्राम सभा निर्वाचित कार्यकारी निकाय है, जबकि ग्राम पंचायत पंजीकृत मतदाताओं की बैठक है।
B ग्राम सभा पंचायत क्षेत्र के पंजीकृत मतदाताओं की सामूहिक सभा है, जबकि ग्राम पंचायत स्थानीय कार्यों को चलाने वाला निर्वाचित निकाय है।
C ग्राम सभा केवल जिला स्तर पर काम करती है, जबकि ग्राम पंचायत केवल खंड स्तर पर काम करती है।
D ग्राम सभा नगरपालिका वार्ड की संस्था है, जबकि ग्राम पंचायत अधिसूचित शहरी स्थानीय निकाय है।
व्याख्या

यह फर्क साफ किया गया है। ग्राम पंचायत पंचायत क्षेत्र की निर्वाचित ग्रामीण संस्था है, जो स्थानीय कार्यों को चलाती है। ग्राम सभा उससे अलग है; यह उसी पंचायत क्षेत्र के पंजीकृत मतदाताओं की सामूहिक सभा है और योजना, खाते, लाभार्थी चयन तथा स्थानीय जवाबदेही जैसे विषयों पर जनता का मंच बनती है। ग्राम सभा को निर्वाचित कार्यकारी निकाय बताना संबंध को उलट देता है, और इसे नगरपालिका या जिला-खंड स्तर से जोड़ना अलग-अलग ढाँचों को मिलाना है।

आपने 20 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6राजस्थान में शहरी स्थानीय स्वशासन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

A74वें संविधान संशोधन ने नगरपालिकाओं के लिए भाग 9क जोड़ा।
Bनगर परिषद पंचायत समिति की तरह ग्रामीण मध्यवर्ती निकाय है।
Cराजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 शहरी स्थानीय निकायों का मुख्य राज्य कानून है।
D12वीं अनुसूची नगरपालिकाओं और शहरी कार्यों से जुड़ी है।

7कथन 1: ग्राम सभा किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र के पंजीकृत मतदाताओं का निकाय है। कथन 2: ग्राम पंचायत गाँव क्षेत्र की निर्वाचित कार्यकारी संस्था है। निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

Aकेवल कथन 1 सही है
Bकेवल कथन 2 सही है
Cन तो कथन 1 सही है, न कथन 2
Dकथन 1 और कथन 2 दोनों सही हैं

8कथन 1: ग्राम पंचायत स्थानीय कार्यों को लागू करने वाली निर्वाचित ग्रामीण संस्था है। कथन 2: ग्राम सभा पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज व्यक्तियों की सामूहिक सभा है। दोनों कथनों का सही मूल्यांकन कौन-सा है?

Aकथन 1 सही है, लेकिन कथन 2 गलत है
Bदोनों कथन सही हैं, और वे अलग-अलग संस्थाओं को बताते हैं
Cकथन 1 गलत है, लेकिन कथन 2 सही है
Dदोनों कथन गलत हैं, क्योंकि ग्राम सभा और ग्राम पंचायत एक ही निकाय हैं

9अभिकथन: राजस्थान में सामान्य पंचायती राज और अनुसूचित क्षेत्र का पंचायती राज पूरी तरह समान नहीं हैं। कारण: पेसा पाँचवीं अनुसूची के जनजातीय क्षेत्रों में पंचायती राज को ग्राम सभा-केंद्रित मजबूत सुरक्षा के साथ ढालता है, खासकर सामुदायिक संसाधनों, परंपराओं, स्थानीय योजना और सामाजिक न्याय से जुड़े मामलों में। सही उत्तर चुनिए।

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता
Bअभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है
Cअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है
Dअभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है

10राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों के बारे में कौन-सा कथन गलत है?

Aराजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग जुलाई 1994 में गठित हुआ
Bअनुच्छेद 243K पंचायत चुनावों से जुड़ा है
Cअनुच्छेद 243ZA नगरपालिका चुनावों से जुड़ा है
Dभारत निर्वाचन आयोग राजस्थान में पंचायत और नगरपालिका चुनाव कराता है

11राजस्थान के स्थानीय स्वशासन की सहायक संस्थाओं के बारे में कौन-सा युग्म गलत है?

Aराज्य निर्वाचन आयोग - पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनाव कराता है
Bराज्य वित्त आयोग - पंचायतों और नगर निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है
Cजिला योजना समिति - पंचायतों और नगर निकायों की योजनाओं का समेकन करती है
Dराज्य वित्त आयोग - पंचायतों और नगर निकायों की मतदाता सूचियाँ तैयार करता है

12राजस्थान में पंचायती राज के इतिहास में नागौर को प्रमुख स्थान किस घटना के कारण मिला है?

Aवहाँ 2009 में राजस्थान नगर पालिका अधिनियम पारित हुआ
Bवहाँ 2 अक्टूबर 1959 को पंचायती राज का औपचारिक आरंभ हुआ
Cवहाँ जुलाई 1994 में राज्य निर्वाचन आयोग गठित हुआ
Dवहाँ 1 जून 1993 को 74वाँ संशोधन लागू हुआ

13ग्राम सभा और ग्राम पंचायत के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: ग्राम सभा ग्राम पंचायत क्षेत्र के पंजीकृत मतदाताओं का निकाय है। कथन 2: ग्राम पंचायत गाँव क्षेत्र की निर्वाचित कार्यकारी संस्था है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Aकेवल कथन 1
Bकेवल कथन 2
Cकथन 1 और कथन 2 दोनों
Dन तो कथन 1 और न ही कथन 2

1473वें संविधान संशोधन के बाद पंचायतों के संवैधानिक आधार और कार्य-क्षेत्र की सही जोड़ी कौन-सी है?

Aभाग 9 और 11वीं अनुसूची, जिनमें 29 ग्रामीण विषय हैं
Bभाग 9क और 12वीं अनुसूची, जिनमें 18 शहरी कार्य हैं
Cअनुच्छेद 243ZD और पंचायत व नगर निकाय योजनाओं का जिला-स्तरीय समेकन
Dअनुच्छेद 243Y और राज्य वित्त आयोग द्वारा नगर निकायों की वित्तीय समीक्षा

15राजस्थान में स्थानीय स्वशासन को सहारा देने वाली संस्थाओं के बारे में कौन-सा कथन गलत है?

Aराज्य निर्वाचन आयोग पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनाव कराता है।
Bराज्य वित्त आयोग पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है।
Cजिला योजना समिति पंचायतों और नगर निकायों द्वारा बनाई गई योजनाओं का समेकन करती है।
Dराज्य वित्त आयोग नगर निकायों की वित्तीय समीक्षा के बाद सीधे स्थानीय निकाय चुनाव कराता है।

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