RAS प्रश्न
बीएसआईपी जामुन अध्ययन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अध्ययन के अनुसार, सिज़िजियम वंश पहले ऑस्ट्रेलिया में विकसित हुआ और पश्चिम की ओर भारत में फैला। 2. पुराने भारतीय जीवाश्म अभिलेखों की पुनर्जाँच यह संकेत देती है कि सिज़िजियम लगभग 5.5 करोड़ वर्ष पूर्व प्रारंभिक इओसीन से ही भारतीय क्षेत्र में निरंतर मौजूद रहा है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
सही उत्तर: (D) केवल 2।
बीएसआईपी जामुन अध्ययन के अनुसार सिज़िजियम वंश भारतीय क्षेत्र में प्रारंभिक इओसीन, लगभग 5.5 करोड़ वर्ष पहले, से निरंतर मौजूद रहा और उसका प्रसार भारत से दक्षिण-पूर्व एशिया होते हुए ऑस्ट्रेलिया की ओर माना गया है।
व्याख्या
केवल कथन 2 सही है। DST के अनुसार पहले सिज़िजियम का उद्गम ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण-पूर्व एशिया तक सीमित माना जाता था, लेकिन बीएसआईपी के अध्ययन ने इस धारणा को बदला। पुराने भारतीय जीवाश्म अभिलेखों की पुनर्जांच से यह संकेत मिला कि यह वंश भारतीय क्षेत्र में प्रारंभिक इओसीन, यानी करीब 5.5 करोड़ वर्ष पहले, से मौजूद था। इसी से भारत में इसकी बहुत पहले और निरंतर उपस्थिति सिद्ध होती है। सिज़िजियम का पूर्वी गोंडवाना से जुड़ा उद्गम और भारत में आरंभिक विविधीकरण महत्वपूर्ण है; बाद में इसका प्रसार भारत से दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया की ओर माना गया। इसलिए ऑस्ट्रेलिया से पश्चिम की ओर भारत आने वाला कथन उलटी दिशा बताता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कथन 1 गलत है, क्योंकि बीएसआईपी अध्ययन ऑस्ट्रेलियाई या दक्षिण-पूर्व एशियाई उद्गम की पुरानी धारणा को बदलकर भारत-केन्द्रित उद्गम और भारत से बाहर प्रसार बताता है।
- (B) कथन 1 शामिल होने से यह गलत है, क्योंकि प्रसार ऑस्ट्रेलिया से भारत की ओर नहीं, भारत से दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया की ओर माना गया है।
- (C) कथन 2 सही है, क्योंकि पुराने भारतीय जीवाश्म अभिलेखों की पुनर्जांच सिज़िजियम की प्रारंभिक इओसीन से भारतीय क्षेत्र में निरंतर उपस्थिति बताती है।
अवधारणा
जीवाश्म साक्ष्य, पौध-विकास और जैव-भूगोल में भारत की भूमिका समझना जरूरी है। RAS में ऐसे कथन-आधारित प्रश्नों में उद्गम-स्थल और प्रसार-दिशा को ध्यान से पढ़ना निर्णायक होता है।
