RAS प्रश्न
भारतीय कृषि में ड्रोन तकनीक के उपयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। 1. ड्रोन बहुवर्णक्रमीय और अतिवर्णक्रमीय सेंसरों की सहायता से फसल के स्वास्थ्य की निगरानी में उपयोगी हो सकते हैं, जिससे कीट और रोग से होने वाले तनाव का पता चलता है। 2. ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूह सदस्यों को नैनो-उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव के लिए ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है। 3. सुरक्षा चिंताओं के कारण सभी भारतीय राज्यों में कृषि में कीटनाशक छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग वर्तमान में प्रतिबंधित है। 4. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने ड्रोन से नैनो-यूरिया के उपयोग के लिए मानकीकृत प्रोटोकॉल विकसित किए हैं। सही उत्तर चुनें:
सही उत्तर: (C) केवल 1, 2 और 4।
भारतीय कृषि में ड्रोन फसल-स्वास्थ्य निगरानी, महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा नैनो-उर्वरक/कीटनाशक छिड़काव और ICAR-IFFCO के नैनो-यूरिया प्रोटोकॉल के तहत मान्य उपयोग रखते हैं; सभी राज्यों में कीटनाशक छिड़काव पर प्रतिबंध नहीं है।
व्याख्या
कृषि ड्रोन को केवल छिड़काव मशीन मानना अधूरा है। पत्र सूचना कार्यालय के अनुसार ड्रोन बहुवर्णक्रमीय कैमरों जैसी सुविधाओं से फसल तनाव, पौध वृद्धि, खरपतवार, संक्रमण और कीट-प्रभावित क्षेत्रों का आकलन कर सकते हैं; इसी आधार पर जरूरी रसायन की मात्रा तय की जा सकती है। इसलिए कथन 1 सही है। ड्रोन दीदी योजना में महिला स्वयं सहायता समूह सदस्यों को नैनो-उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव के लिए ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है, इसलिए कथन 2 सही है। कीटनाशक और पोषक तत्वों के ड्रोन-उपयोग के लिए मानक संचालन प्रक्रिया मौजूद है, इसलिए सभी राज्यों में पूर्ण प्रतिबंध वाला कथन 3 गलत है। ICAR ने IFFCO के साथ नैनो-यूरिया छिड़काव प्रोटोकॉल बनाए, इसलिए कथन 4 सही है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A में कथन 3 शामिल है, जबकि आधिकारिक स्रोत कृषि में ड्रोन से कीटनाशक और पोषक तत्व देने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बताता है, पूर्ण प्रतिबंध नहीं।
- (B) B में कथन 1 छूट जाता है, जबकि ड्रोन बहुवर्णक्रमीय/अतिवर्णक्रमीय सेंसर और NDVI मैपिंग से फसल तनाव पहचान सकते हैं; साथ ही इसमें गलत कथन 3 भी शामिल है।
- (D) D सभी 4 कथनों को सही मानता है, पर कथन 3 गलत है क्योंकि भारत में कृषि-ड्रोन छिड़काव को पूर्णतः प्रतिबंधित नहीं बताया गया है।
अवधारणा
यह प्रश्न कृषि में उभरती तकनीक, ड्रोन विनियमन और सटीक खेती की समझ जाँचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि योजनाएँ, तकनीकी उपयोग और नियामकीय स्थिति मिलाकर कथन-आधारित विकल्प बनाए जाते हैं।
