RAS प्रश्न
किस सिख गुरु ने आदि ग्रंथ (बाद में गुरु ग्रंथ साहिब) का संकलन किया?
सही उत्तर: (C) गुरु अर्जन देव।
आदि ग्रंथ का संकलन पाँचवें सिख गुरु, गुरु अर्जन देव ने 1604 में अमृतसर में किया था।
व्याख्या
गुरु अर्जन देव (1563-1606) पाँचवें सिख गुरु थे। उन्होंने 1604 में अमृतसर में आदि ग्रंथ का संकलन किया, इसलिए वे सही उत्तर हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के अनुसार, गुरु अंगद ने इससे पहले बाबा गुरु नानक की रचनाओं को संकलित करके गुरुमुखी लिपि में लिखा था। उनके बाद के तीन गुरुओं ने भी ‘नानक’ नाम से रचनाएँ लिखीं। गुरु अर्जन ने 1604 में इन रचनाओं को एक ग्रंथ में संकलित किया; इसमें कबीर और भक्त नामदेव की रचनाएँ भी शामिल थीं। गुरु तेग बहादुर की वाणी बाद में जोड़ी गई। 1706 में गुरु गोबिंद सिंह ने इस ग्रंथ को प्रमाणित किया, जिसके बाद यह गुरु ग्रंथ साहिब के नाम से जाना गया। गुरु अर्जन हरमंदिर साहिब के निर्माण से भी जुड़े थे। 1606 में मुगल सम्राट जहाँगीर के शासनकाल में उन्हें मृत्युदंड दिया गया और वे शहीद होने वाले पहले सिख गुरु बने।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) गुरु गोबिंद सिंह आदि ग्रंथ के संकलनकर्ता नहीं थे। उन्होंने 1706 में इस ग्रंथ को अंतिम रूप देकर प्रमाणित किया, जिसके बाद यह गुरु ग्रंथ साहिब के नाम से जाना गया।
- (B) गुरु नानक देव की शिक्षाएँ और रचनाएँ इस संकलन का हिस्सा बनीं, लेकिन 1604 में इसका संकलन गुरु अर्जन देव ने किया।
- (D) गुरु अंगद देव ने गुरु नानक की रचनाओं को संकलित कर गुरुमुखी लिपि में लिखा और वे इस लिपि के विकास से जुड़े थे, लेकिन आदि ग्रंथ का 1604 का संकलन गुरु अर्जन देव ने किया।
अवधारणा
यह प्रश्न मध्यकालीन भारत के भक्ति इतिहास में सिख परंपरा और धार्मिक ग्रंथों के संकलन में अलग-अलग गुरुओं की भूमिका से जुड़ा है। RAS में गुरु और उनके योगदान का मिलान बार-बार पूछा जाता है, क्योंकि इससे कालक्रम, धार्मिक आंदोलनों, ग्रंथों के संकलन और मुगल काल में हुए सामाजिक व धार्मिक बदलावों की समझ एक साथ जाँची जाती है।
