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RAS प्रश्न

मेवाड़ के किस शासक को संगीत ग्रंथ 'संगीत राज' की रचना का श्रेय दिया जाता है?

सही उत्तर: (B) राणा कुम्भा।

संगीत ग्रंथ 'संगीत राज' की रचना का श्रेय मेवाड़ के शासक राणा कुम्भा को दिया जाता है।

  1. (A)

    महाराणा प्रताप

  2. (B)

    राणा कुम्भा

  3. (C)

    महाराणा राज सिंह

  4. (D)

    राणा सांगा

व्याख्या

राणा कुम्भा सही उत्तर हैं। 1433 से 1468 ईस्वी के बीच उन्होंने पाँच भागों में बँटे संगीत ग्रंथ 'संगीत राज' की रचना की। इस ग्रंथ में उन्होंने अपने समय में उपलब्ध संगीत संबंधी सामग्री को समेटा, आलोचनात्मक ढंग से परखा और उपयोगी रूप में व्यवस्थित किया। उनकी अन्य रचनाओं में 'गीत गोविंद' पर लिखी टीका 'रसिक प्रिया' और 'संगीत मीमांसा' शामिल हैं। वे कुशल वीणा वादक भी थे। यही साहित्यिक और संगीत संबंधी उपलब्धियाँ उन्हें दूसरे शासकों से अलग करती हैं, जिनकी पहचान मुख्यतः युद्ध या प्रतिरोध से जुड़ी है।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) महाराणा प्रताप की पहचान मुख्यतः सैन्य प्रतिरोध से जुड़ी है, संगीत-ग्रंथ 'संगीत राज' की रचना से नहीं।
  • (C) महाराणा राज सिंह प्रतिरोध के लिए जाने जाते हैं, 'संगीत राज' की रचना के लिए नहीं।
  • (D) राणा सांगा की पहचान मुख्यतः योद्धा के रूप में है, जबकि 'संगीत राज' की रचना राणा कुम्भा ने की थी।

अवधारणा

यह प्रश्न मेवाड़ के शासकों के साहित्य और संगीत में योगदान को राजस्थान की कला और संस्कृति से जोड़ता है। RAS में मध्यकालीन राजस्थान से जुड़े प्रश्न केवल युद्धों और राजवंशों तक सीमित नहीं रहते; ग्रंथ, कलाएँ और उन्हें संरक्षण देने वाले शासक भी पूछे जाते हैं।

स्रोत

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