RAS प्रश्न
भारतीय दाबित भारी जल रिएक्टरों में उत्पादित कौन-सा रेडियोधर्मी समस्थानिक कैंसर उपचार में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है?
सही उत्तर: (D) कोबाल्ट-60।
भारतीय दाबित भारी जल रिएक्टरों में उत्पादित कोबाल्ट-60 कैंसर उपचार की विकिरण चिकित्सा, खासकर टेलीथेरेपी, में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला रेडियोधर्मी समस्थानिक है।
व्याख्या
सही विकल्प कोबाल्ट-60 है, क्योंकि भारतीय दाबित भारी जल रिएक्टरों में इसका उत्पादन होता है और कैंसर उपचार में विकिरण चिकित्सा के लिए इसका व्यापक उपयोग किया जाता है। INIS रिकॉर्ड में टेलीथेरेपी कैंसर उपचार की ऐसी पद्धति है जिसमें स्रोत से निकला विकिरण दूर से कैंसरग्रस्त ऊतक पर केंद्रित किया जाता है। कोबाल्ट धातु को परमाणु रिएक्टर में विकिरित कर 60Co बनाया जाता है और फिर उसके स्रोत अस्पतालों की टेलीथेरेपी मशीनों में लगाए जाते हैं। इसलिए उत्पादन और चिकित्सा-उपयोग, दोनों कोबाल्ट-60 से जुड़े हैं; औद्योगिक रेडियोग्राफी इसका अलग उपयोग है, कैंसर उपचार नहीं।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) प्लूटोनियम-239 फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों के ईंधन से जुड़ा है, कैंसर उपचार की टेलीथेरेपी से नहीं।
- (B) थोरियम-232 भविष्य के रिएक्टरों के लिए उर्वर पदार्थ है, जबकि प्रश्न चिकित्सा में प्रयुक्त रेडियोधर्मी समस्थानिक पूछता है।
- (C) यूरेनियम-235 विखंडनीय रिएक्टर ईंधन है; कैंसर उपचार में टेलीथेरेपी के लिए कोबाल्ट-60 स्रोत इस्तेमाल होता है।
अवधारणा
परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोगों में रेडियोसमस्थानिकों का चिकित्सा-उपयोग महत्वपूर्ण है। RAS में यह विषय इसलिए बार-बार आता है क्योंकि विज्ञान-प्रौद्योगिकी में ऊर्जा, चिकित्सा और औद्योगिक उपयोगों को अलग-अलग पहचानना जरूरी होता है।
