RAS प्रश्न
लाइडार प्रौद्योगिकी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. लाइडार का अर्थ है लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग। 2. यह दूरियाँ मापने के लिए लेजर प्रकाश का उपयोग करता है। 3. इसका उपयोग त्रि-आयामी मानचित्र बनाने के लिए नहीं किया जा सकता।
सही उत्तर: (A) केवल 1 और 2।
लाइडार का अर्थ लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग है और यह दूरियाँ मापने के लिए लेजर प्रकाश का उपयोग करता है, इसलिए कथन 1 और 2 सही हैं।
व्याख्या
लाइडार को समझने की कुंजी उसके नाम और काम में है। NOAA के अनुसार, लाइडार यानी लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग एक दूरसंवेदी विधि है, जिसमें प्रकाश को पल्स्ड लेजर के रूप में इस्तेमाल कर पृथ्वी तक की बदलती दूरियाँ मापी जाती हैं। यही बात कथन 1 और 2 को सही बनाती है। इसी स्रोत में यह भी बताया गया है कि इन प्रकाश-पल्सों को वायुयान प्रणाली में दर्ज अन्य आँकड़ों के साथ मिलाकर पृथ्वी के आकार और सतह की विशेषताओं की सटीक त्रि-आयामी जानकारी बनाई जाती है। इसलिए कथन 3 उलटा है: लाइडार 3D मानचित्र और भू-भाग मॉडल बनाने में उपयोगी है, न कि उनसे असमर्थ।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) इसमें कथन 2 तो सही है, लेकिन कथन 3 गलत है क्योंकि लाइडार से सटीक त्रि-आयामी जानकारी और 3D मानचित्र बनाए जा सकते हैं।
- (C) कथन 1 और 2 सही होने के बावजूद यह विकल्प कथन 3 को भी सही मानता है, जबकि लाइडार का उपयोग 3D मानचित्रण में होता है।
- (D) इसमें कथन 1 सही है, पर कथन 3 गलत है और कथन 2 को छोड़ दिया गया है, जबकि लाइडार दूरी मापने के लिए लेजर प्रकाश का उपयोग करता है।
अवधारणा
यह प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में दूरसंवेदी तकनीक की मूल कार्यप्रणाली जाँचता है। RAS में ऐसी तकनीकें बार-बार इसलिए आती हैं क्योंकि उनके नाम, सिद्धांत और उपयोगों को मिलाकर कथन-आधारित प्रश्न बनाए जाते हैं।
