RAS प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन-सा ISRO मिशन और उसके उद्देश्य का सही मिलान नहीं है?
सही उत्तर: (B) आदित्य-L1 – बृहस्पति के चुंबकमंडल का अध्ययन।
आदित्य-L1 बृहस्पति के चुंबकमंडल का मिशन नहीं, बल्कि सूर्य-पृथ्वी L1 लैग्रेंज बिंदु के पास से सूर्य का अध्ययन करने वाली ISRO की सौर वेधशाला है।
व्याख्या
गलत मिलान B है, क्योंकि आदित्य-L1 का उद्देश्य बृहस्पति के चुंबकमंडल का अध्ययन नहीं है। ISRO की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आदित्य-L1 भारत की पहली अंतरिक्ष-आधारित वेधशाला है, जिसे सूर्य का अध्ययन करने के लिए पहले सूर्य-पृथ्वी L1 लैग्रेंज बिंदु के चारों ओर हेलो कक्षा में भेजा गया; यह बिंदु पृथ्वी से लगभग 15 लाख किमी दूर है। इसलिए आदित्य-L1 को किसी ग्रह-विशेष, खासकर बृहस्पति, से जोड़ना मूल उद्देश्य को बदल देता है। बाकी मिलान सही हैं: गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान से, मंगलयान मंगल कक्षा प्रवेश से, और चंद्रयान-3 चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग से जुड़ा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) गगनयान को मानव अंतरिक्ष उड़ान से जोड़ना गलत नहीं है, क्योंकि यह मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है।
- (C) मंगलयान को मंगल कक्षा प्रवेश से जोड़ना सही मिलान है, क्योंकि मंगलयान का उद्देश्य मंगल कक्षा से ही जुड़ा है।
- (D) चंद्रयान-3 को चंद्र दक्षिणी ध्रुव के पास सॉफ्ट लैंडिंग से जोड़ना सही है, इसलिए यह गलत मिलान वाला विकल्प नहीं बनता।
अवधारणा
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में मिशन और उद्देश्य का सही मिलान जरूरी है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं, क्योंकि वे विज्ञान-प्रौद्योगिकी को समसामयिक उपलब्धियों से जोड़ते हैं।
