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RAS प्रश्न

निम्नलिखित में से दाबविद्युत (पीज़ोइलेक्ट्रिक) पदार्थों का अनुप्रयोग कौन-सा है?

सही उत्तर: (B) यांत्रिक तनाव को विद्युत ऊर्जा में बदलना (संवेदक, प्रज्वलक और ऊर्जा संचयन में प्रयुक्त)।

दाबविद्युत पदार्थों का मुख्य अनुप्रयोग यांत्रिक तनाव को विद्युत ऊर्जा में बदलना है, इसलिए वे संवेदकों, प्रज्वलकों और ऊर्जा-संचयन उपकरणों में काम आते हैं।

  1. (A)

    चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग

  2. (B)

    यांत्रिक तनाव को विद्युत ऊर्जा में बदलना (संवेदक, प्रज्वलक और ऊर्जा संचयन में प्रयुक्त)

  3. (C)

    नाभिकीय ऊर्जा उत्पादन

  4. (D)

    प्रकाशीय तंतु संचार

व्याख्या

दाबविद्युत प्रभाव में कुछ अचालक क्रिस्टलों पर यांत्रिक दबाव डालने से उनके एक ओर धनात्मक और दूसरी ओर ऋणात्मक विद्युत आवेश प्रकट होता है। इसी कारण विकल्प B सही है: पदार्थ पर लगा यांत्रिक तनाव विद्युत संकेत या ऊर्जा में बदल सकता है। ऐसे पदार्थ संवेदकों, प्रवर्तकों, पराश्रव्य परिवर्तकों, सिगरेट प्रज्वलकों और ऊर्जा-संचयन उपकरणों में प्रयुक्त होते हैं। ब्रिटानिका भी बताता है कि यह प्रभाव माइक्रोफोन, फोनोग्राफ पिकअप और दूरभाष-संचार प्रणालियों के तरंग फिल्टर जैसे व्यावहारिक उपकरणों में उपयोग होता है। इसलिए प्रश्न का केंद्र किसी सामान्य ऊर्जा-स्रोत पर नहीं, बल्कि दबाव और विद्युत आवेश के सीधे संबंध पर है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग चुंबकीय क्षेत्रों और रेडियो तरंगों पर आधारित है, जबकि दाबविद्युत प्रभाव में यांत्रिक दबाव से विद्युत आवेश बनता है।
  • (C) नाभिकीय ऊर्जा उत्पादन नाभिकीय विखंडन से जुड़ा है, जबकि दाबविद्युत पदार्थ यांत्रिक तनाव को विद्युत संकेत या ऊर्जा में बदलते हैं।
  • (D) प्रकाशीय तंतु संचार में सूचना प्रकाश के संचरण से जाती है, दाब से विद्युत आवेश उत्पन्न करने वाले दाबविद्युत प्रभाव से नहीं।

अवधारणा

यह प्रश्न पदार्थों के गुण और उनके तकनीकी अनुप्रयोग वाले विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी खंड की जांच करता है। आरएएस में ऐसे प्रश्न इसलिए आते हैं क्योंकि वे सिद्धांत को रोजमर्रा के उपकरणों से जोड़कर पूछते हैं।

स्रोत

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