RAS प्रश्न
भारत के डेयरी क्षेत्र के संदर्भ में 'आनंद पैटर्न' को निम्नलिखित में से कौन-सा सही ढंग से वर्णित करता है?
सही उत्तर: (B) गाँव की प्राथमिक सहकारी समितियों, जिला संघों और राज्य परिसंघों की तीन-स्तरीय सहकारी संरचना, जिसकी अगुवाई डॉ. वर्गीज कुरियन ने अमूल के ज़रिए की।
आनंद पैटर्न भारत के डेयरी क्षेत्र में गाँव की प्राथमिक दूध सहकारी समिति, जिला दूध उत्पादक संघ और राज्य परिसंघ पर आधारित तीन-स्तरीय सहकारी ढाँचा है, जिसे डॉ. वर्गीज कुरियन ने अमूल के माध्यम से आगे बढ़ाया।
व्याख्या
आनंद पैटर्न कोई साधारण सरकारी खरीद योजना नहीं, बल्कि दूध उत्पादकों का सहकारी ढाँचा है। NDDB के अनुसार इसका मूल विचार यह है कि किसान सहकारी प्रयास से उत्पादन, खरीद, प्रसंस्करण और विपणन को जोड़ें और अपनी व्यावसायिक नीतियों पर स्वयं निर्णय लें। पहले स्तर पर गाँव की डेयरी सहकारी समिति दूध उत्पादकों से बनती है और रोज दूध संग्रह करती है। दूसरे स्तर पर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ उन समितियों का दूध खरीदकर प्रसंस्करण और विपणन करता है तथा चारा, पशु-चिकित्सा और प्रशिक्षण जैसी सेवाएँ देता है। तीसरे स्तर पर राज्य परिसंघ सदस्य संघों के दूध और उत्पादों के विपणन की जिम्मेदारी लेता है। इसी तीन-स्तरीय मॉडल को अमूल और डॉ. वर्गीज कुरियन के संदर्भ में श्वेत क्रांति/ऑपरेशन फ्लड से जोड़ा जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) यह विकल्प गलत है क्योंकि आनंद पैटर्न मंत्रालय-स्वामित्व वाली खरीद योजना नहीं, बल्कि उत्पादकों के स्वामित्व और नियंत्रण वाला सहकारी ढाँचा है।
- (C) यह विकल्प गलत है क्योंकि दिए गए संदर्भ में आनंद पैटर्न गरीब परिवारों को सब्सिडी वाला दूध देने की केंद्रीय योजना नहीं, बल्कि दूध उत्पादकों की सहकारी व्यवस्था है।
- (D) यह विकल्प गलत है क्योंकि आनंद पैटर्न निजी फ्रेंचाइज़ी ढाँचा नहीं है; इसमें गाँव की समितियाँ, जिला संघ और राज्य परिसंघ किसान-सहकारी नियंत्रण में काम करते हैं।
अवधारणा
यह प्रश्न कृषि-सहकारिता और डेयरी विकास के संस्थागत ढाँचे की समझ जाँचता है। RAS में यह इसलिए बार-बार उपयोगी है क्योंकि डेयरी, सहकारिता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और श्वेत क्रांति एक-दूसरे से जुड़े विषय हैं।
