RAS प्रश्न
भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस (UPI) LITE के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
सही उत्तर: (B) यह छोटे मूल्य के ऑफ़लाइन लेनदेन को सक्षम करता है, जिनमें उसी समय बैंक से कनेक्टिविटी की आवश्यकता नहीं होती।
यूपीआई लाइट छोटे मूल्य के ऑफलाइन भुगतान को वास्तविक समय की बैंक कनेक्टिविटी के बिना संभव बनाता है।
व्याख्या
यूपीआई लाइट का मूल उद्देश्य छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान को आसान बनाना है, खासकर वहाँ जहां इंटरनेट या दूरसंचार कनेक्टिविटी कमजोर हो। RBI के ऑफलाइन छोटे मूल्य भुगतान ढांचे में ऑफलाइन भुगतान वह लेनदेन है जिसके प्रभावी होने के लिए इंटरनेट या दूरसंचार कनेक्टिविटी जरूरी नहीं होती। यूपीआई लाइट में प्रति लेनदेन सीमा ₹1,000 तक है और हर भुगतान पर बैंक खाते से तुरंत डेबिट नहीं होता, इसलिए बैंक प्रणाली पर बार-बार छोटे लेनदेन का भार घटता है। RBI ने यूपीआई लाइट के लिए बढ़ी हुई सीमा ₹1,000 प्रति लेनदेन और ₹5,000 कुल सीमा रखी है; इसमें AFA जरूरी नहीं होता और लेनदेन अलर्ट वास्तविक समय में नहीं भेजे जाते।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A गलत है, क्योंकि RBI के ढांचे में ऑफलाइन भुगतान के लिए इंटरनेट या दूरसंचार कनेक्टिविटी आवश्यक नहीं मानी गई है।
- (C) C गलत है, क्योंकि यूपीआई लाइट घरेलू छोटे मूल्य के भुगतान के लिए है, अंतर्राष्ट्रीय भुगतान के लिए नहीं।
- (D) D गलत है, क्योंकि यूपीआई लाइट नियमित यूपीआई को हटाने के बजाय छोटे लेनदेन के लिए पूरक सुविधा देता है।
अवधारणा
डिजिटल भुगतान अवसंरचना और वित्तीय समावेशन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं। RAS में ऐसे विषय बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि राज्य सेवाओं में तकनीक आधारित भुगतान, कनेक्टिविटी और नागरिक सेवाओं की समझ उपयोगी है।
