RAS प्रश्न
जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और वित्तपोषण में कौन-सी भारतीय संस्था नोडल एजेंसी है?
सही उत्तर: (A) जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT)।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) भारत में जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान, विकास और वित्तपोषण के लिए नोडल एजेंसी है।
व्याख्या
जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) सही उत्तर है, क्योंकि यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने तथा वित्तपोषित करने वाली संस्था है। PM India के Bio-RIDE संबंधी विवरण में DBT की दो प्रमुख योजनाओं को एकीकृत कर जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता विकास के लिए योजना बताई गई है। उसी स्रोत में Bio-RIDE के घटकों में जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं विकास, औद्योगिक एवं उद्यमिता विकास तथा बायोमैन्युफैक्चरिंग-बायोफाउंड्री शामिल हैं। स्रोत यह भी बताता है कि योजना शोध संस्थानों, विश्वविद्यालयों और व्यक्तिगत शोधकर्ताओं को बाह्य वित्तपोषण देकर जैव प्रौद्योगिकी के विविध क्षेत्रों में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ाती है। इसलिए नोडल भूमिका DBT की बनती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) CSIR व्यापक वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान से जुड़ा है, जबकि प्रश्न विशेष रूप से जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और वित्तपोषण की नोडल एजेंसी पूछता है।
- (C) ICAR का मुख्य क्षेत्र कृषि अनुसंधान है, इसलिए यह पूरे जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और विकास के वित्तपोषण की नोडल संस्था नहीं है।
- (D) ICMR चिकित्सा अनुसंधान पर केंद्रित है, जबकि प्रश्न जैव प्रौद्योगिकी को अलग क्षेत्र के रूप में बढ़ावा देने और वित्तपोषित करने वाली संस्था के बारे में है।
अवधारणा
यह प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में संस्थागत ढांचे और सरकारी अनुसंधान-वित्तपोषण की समझ जांचता है। RAS में ऐसी संस्थाएं बार-बार आती हैं, क्योंकि नीतियों, योजनाओं और नवाचार कार्यक्रमों को उनके नोडल विभागों से जोड़कर पूछा जाता है।
