RAS प्रश्न
गगनयान G1 के दौरान किस क्रायोजेनिक इंजन की कक्षा में दोबारा चालू होने की क्षमता का परीक्षण किया गया?
सही उत्तर: (B) CE-20।
भविष्य की एलवीएम3 उड़ानों की पुनः आरंभ क्षमता और अभियान संचालन में लचीलापन बढ़ाने के लिए ISRO ने CE-20 क्रायोजेनिक इंजन का बूट-स्ट्रैप विधि में आरंभ सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया।
व्याख्या
सही इंजन CE-20 है। यही क्रायोजेनिक इंजन एलवीएम3 के ऊपरी चरण को शक्ति देता है और गगनयान अभियानों के लिए योग्य है। सामान्य संचालन में इंजन का आरंभ टैंक-हेड स्थिति में होता है और टर्बोपंपों को संग्रहित गैस वाली आरंभ प्रणाली से शुरू किया जाता है। भविष्य के अभियानों में CE-20 को उड़ान के दौरान एक से अधिक बार फिर शुरू करने की जरूरत पड़ सकती है; मौजूदा व्यवस्था में हर बार अतिरिक्त आरंभ गैस बोतल और संबंधित प्रणाली चाहिए, जिससे उपयोगी भार क्षमता घटती है। इसलिए बिना बाहरी आरंभ सहायता के स्थिर संचालन तक पहुंचने वाला बूट-स्ट्रैप आरंभ अहम है। ISRO ने यह परीक्षण महेंद्रगिरि की उच्च-ऊंचाई परीक्षण सुविधा में निर्वात स्थितियों में किया; यह गगनयान G1 के दौरान कक्षा में किया गया पुनः आरंभ नहीं था।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) CE-7.5 गलत है, क्योंकि बूट-स्ट्रैप विधि में आरंभ का प्रदर्शन CE-20 क्रायोजेनिक इंजन पर हुआ था।
- (C) विकास गलत है, क्योंकि इस बूट-स्ट्रैप आरंभ प्रदर्शन के लिए विकास नहीं, CE-20 इंजन इस्तेमाल हुआ था।
- (D) CE-12 गलत है, क्योंकि भविष्य की एलवीएम3 पुनः आरंभ क्षमता के संदर्भ में CE-20 का परीक्षण हुआ था, CE-12 का नहीं।
अवधारणा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में अंतरिक्ष प्रक्षेपण यान और क्रायोजेनिक इंजन क्षमता की समझ जरूरी है। RAS में ISRO, गगनयान और एलवीएम3 जैसे विषयों में सही प्रणाली का नाम ही उत्तर तय करता है।
