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RAS प्रश्न

भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र की क्या भूमिका है?

सही उत्तर: (B) अंतरिक्ष गतिविधियों में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना और उसे अनुमति देना।

IN-SPACe का काम भारतीय अंतरिक्ष गतिविधियों में निजी क्षेत्र और गैर-सरकारी संस्थाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना, सक्षम बनाना, अधिकृत करना और उसकी निगरानी करना है।

  1. (A)

    गगनयान के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षित करना

  2. (B)

    अंतरिक्ष गतिविधियों में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना और उसे अनुमति देना

  3. (C)

    ISRO के लिए उपग्रह बनाना

  4. (D)

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का प्रबंधन करना

व्याख्या

IN-SPACe को 2020 में अहमदाबाद मुख्यालय के साथ बनाया गया ताकि भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों और गैर-सरकारी संस्थाओं की भागीदारी को साफ संस्थागत रास्ता मिले। जून 2020 में अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए खोला गया और IN-SPACe को अंतरिक्ष विभाग के अधीन स्वतंत्र एजेंसी तथा ISRO और निजी क्षेत्र के बीच एक ही संपर्क बिंदु के रूप में बनाया गया। इसी ढांचे में उसका काम गैर-सरकारी अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ावा देना, सक्षम बनाना, अधिकृत करना और उनकी निगरानी करना है। इसलिए सही भूमिका निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना और अधिकृत करना है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) गगनयान के लिए अंतरिक्षयात्रियों का प्रशिक्षण IN-SPACe की भूमिका नहीं है; IN-SPACe निजी और गैर-सरकारी अंतरिक्ष गतिविधियों से जुड़ा है।
  • (C) IN-SPACe स्वयं ISRO के लिए उपग्रह बनाने वाली संस्था नहीं है; आधिकारिक भूमिका निजी और गैर-सरकारी अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ावा देने, अधिकृत करने और निगरानी करने की है।
  • (D) भारत के परमाणु कार्यक्रम का प्रबंधन IN-SPACe का क्षेत्र नहीं है; यह काम DAE से जुड़ा है, जबकि IN-SPACe अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी से जुड़ा है।

अवधारणा

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारत की अंतरिक्ष नीति और संस्थागत ढांचे की समझ महत्वपूर्ण है। RAS में ISRO, निजी अंतरिक्ष क्षेत्र और अधिकृत करने वाली संस्थाओं की भूमिकाओं में फर्क समझना पड़ता है।

स्रोत

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