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RAS प्रश्न

परमाणु रिएक्टर में नियंत्रण छड़ों की क्या भूमिका है?

सही उत्तर: (D) विखंडन दर नियंत्रित रखने के लिए न्यूट्रॉन का अवशोषण करना।

परमाणु रिएक्टर में नियंत्रण छड़ें न्यूट्रॉन अवशोषित करके विखंडन श्रृंखला प्रतिक्रिया की दर को नियंत्रित करती हैं।

  1. (A)

    सीधे बिजली उत्पन्न करना

  2. (B)

    रिएक्टर को ठंडा करना

  3. (C)

    ऊष्मा उत्पन्न करना

  4. (D)

    विखंडन दर नियंत्रित रखने के लिए न्यूट्रॉन का अवशोषण करना

व्याख्या

नियंत्रण छड़ें रिएक्टर के भीतर चल रही विखंडन श्रृंखला प्रतिक्रिया को साधने का मुख्य साधन हैं। ये छड़ें बोरॉन, कैडमियम या हैफनियम जैसे न्यूट्रॉन-अवशोषक पदार्थों से बनती हैं। जब छड़ें अंदर डाली जाती हैं, तो वे अधिक न्यूट्रॉन सोखती हैं; इससे आगे होने वाले विखंडन कम होते हैं और रिएक्टर की शक्ति घटती है। जब छड़ें बाहर निकाली जाती हैं, तो कम न्यूट्रॉन अवशोषित होते हैं और प्रतिक्रिया दर बढ़ती है। इसलिए इनका काम बिजली बनाना, ठंडा करना या ऊष्मा पैदा करना नहीं, बल्कि प्रतिक्रिया को नियंत्रण में रखना है। आपात स्थिति में सभी छड़ें पूरी तरह डालकर रिएक्टर बंद किया जाता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) सीधे बिजली टर्बाइन और जनरेटर की व्यवस्था से बनती है; नियंत्रण छड़ें केवल न्यूट्रॉन अवशोषित कर प्रतिक्रिया दर संभालती हैं।
  • (B) रिएक्टर को ठंडा करने का काम शीतलक करता है, जबकि नियंत्रण छड़ों की भूमिका विखंडन को धीमा या तेज करना है।
  • (C) ऊष्मा ईंधन में होने वाले विखंडन से पैदा होती है; नियंत्रण छड़ें उस विखंडन की दर को नियंत्रित करती हैं।

अवधारणा

परमाणु ऊर्जा और रिएक्टर नियंत्रण में नियंत्रण छड़ों की भूमिका मूल सिद्धांत है। RAS में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के तहत ऊर्जा, सुरक्षा और आधारभूत भौतिकी से जुड़े ऐसे अनुप्रयोग बार-बार पूछे जाते हैं।

स्रोत

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